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सरकारी स्कूल का मिड-डे मील कुत्ते चाट गए, कोर्ट ने हर छात्र को 25 हजार रुपये दिलवा दिए

Students Fed Dog Licked Midday Meal: स्कूल में बच्चों को कुत्तों का जूठा किया हुआ मिड-डे मील परोसा गया. Chhattisgarh High Court ने इसे बच्चों की जिंदगी के लिए खतरा और रेबीज के संक्रमण का जोखिम बताया.

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21 अगस्त 2025 (अपडेटेड: 21 अगस्त 2025, 06:49 PM IST)
Chhattisgarh HC Dog Licked Midday Meal
स्कूल में बच्चों को कुत्तों का जूठा किया हुआ मिड-डे मील परोसने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ये आदेश दिया है. (सांकेतिक फोटो- आजतक)
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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आदेश दिया है क‍ि राज्य सरकार एक सरकारी मिडिल स्कूल के हर छात्र को 25,000 रुपये का भुगतान करे. क्योंकि आरोप है कि इन छात्रों को आवारा कुत्तों के चाटे हुए खाने को मिड-डे मील के रूप में परोसा गया था.

घटना बलौदाबाजार जिले के पलारी ब्लॉक के शासकीय माध्यमिक विद्यालय, लच्छनपुर में 28 जुलाई को हुई थी. मामला 3 अगस्त को सामने आया था. खबर के मुताबिक, स्कूल में बच्चों को कुत्तों का जूठा किया हुआ मिड-डे मील परोसा गया. इसके बाद 84 बच्चों को टीके लगा दिए गए.

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की दो जजों की बेंच ने मंगलवार, 19 अगस्त को सुनवाई के दौरान कहा,

राज्य सरकार की संस्था में मिड-डे मील के रूप में कुत्तों का गंदा किया गया खाना परोसा गया. ये स्कूल के छात्रों के खाने के लिए अनुपयुक्त था… ये राज्य की ओर से लापरवाही थी. ऐसे में राज्य सरकार ही उन बच्चों को 25,000 रुपये का भुगतान करेगी, जिन्हें ऐसा खाना परोसा गया.

हाई कोर्ट ने इसे बच्चों की जिंदगी के लिए खतरा और रेबीज के संक्रमण का जोखिम बताया. बार एंड बेंच की खबर के मुताबिक, कोर्ट ने आगे कहा,

स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को भोजन उपलब्ध कराना कोई औपचारिकता नहीं है, इसे गरिमा के साथ किया जाना चाहिए. जब राज्य सरकार स्कूलों और उनके सामानों के उत्थान के लिए इतना धन खर्च कर रही है, तो उसके संचालन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से ऐसी चूक गंभीर चिंता का विषय है.

19 अगस्त को सुनवाई के दौरान राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने भी अपना पक्ष रखा. बताया कि ‘जय लक्ष्मी स्व सहायता समूह’ को स्कूल में मिड-डे मिल के काम से हटा दिया गया है. विभाग ने ये भी बताया कि प्रभारी प्रधानाचार्य और संकुल प्रधानाचार्य को 6 अगस्त को निलंबित कर दिया गया था.

कोर्ट को ये भी बताया गया कि बच्चे लच्छनपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में निरंतर निगरानी में हैं. मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि आगे से राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराने में ज्यादा सतर्क और सावधान रहेगी.

वीडियो: कुत्ता मिड डे मील चाट गया, स्कूल ने बच्चों को खिलाया तो हाईकोर्ट ने लपेट दिया

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