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जहर खरीदकर कुत्ते पर टेस्ट किया, फिर शराब में मिलाकर गांव के 8 लोगों को मारा

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में 3 महीने के अंदर 8 लोगों की मौत होने का मामला सुलझाने का दावा किया गया है. पुलिस ने बताया कि सभी मामलों में हत्या का पैटर्न एक जैसा था. पहले शराब का नशा, उसके बाद मौत. और शराब में मिला था जहर.

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23 जून 2026 (अपडेटेड: 23 जून 2026, 11:53 PM IST)
Balodabazar murder case
पुलिस ने हत्या से जुड़ीं धाराओं में मामला दर्ज किया है. फोटो- इंडिया टुडे
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छत्तीसगढ़ का बलौदाबाजार. यहां 3 महीने के अंदर 8 लोगों की मौत हुई. सभी मामलों में पैटर्न एक ही जैसा. पहले शराब का नशा, उसके बाद मौत. और शराब में मिला था जहर. हत्या के पीछे कारण क्या था? पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, विवाद, पत्नी पर गलत नजर रखने का शक, कर्ज़ और कथित टोना-टोटका. एक और शख्स की जान भी जाने ही वाली थी, लेकिन अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जो उसी गांव से है, जहां ये सभी हत्याएं हुईं.

इंडिया टुडे से जुड़े सूमी राजप्पन और दीपेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट के मुताबिक, बलौदाबाजार के खर्वे गांव में मार्च से मई के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में 8 लोगों की मौत हुई. गांव वाले इसको लेकर चिंता में पड़ गए. 6 जून को उन्होंने कसडोल थाने में आवेदन देकर इन मौतों की जांच की मांग की. आवेदन में उन्होंने गांव के ही एक व्यक्ति पर शक जताया था. नाम- रामसहाय जायसवाल. 

ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस भी तुरंत हरकत में आई. एक मृतक का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था. बाकी 7 मृतकों के शवों को कब्र से निकाला गया. इन्हें पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेजा गया. SP ओपी शर्मा के मुताबिक, जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी ने चूहा मारने के नाम पर सुहागा (एक प्रकार का जहर) खरीदा था. सुहागा को अंग्रेजी में बोरेक्स (Borax) कहते हैं. इसको सोडियम टेट्राबोरेट भी कहा जाता है, जो एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला खनिज है. इसका इस्तेमाल सफाई के सामान, डिटर्जेंट और कई औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है.

जांच के दौरान मिले कुछ सबूतों और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने रामसहाय को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान पहले तो उसने आरोपों से इनकार किया. कहानियां बनाईं. फिर जब पुलिस ने थोड़ी और सख्ती की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. कबूलनामे से पता चला कि आरोपी ने पहले कुत्ते पर जहर की टेस्टिंग की थी. कुत्ते को जहर देकर ये चेक किया कि ये काम कर रहा है या नहीं. इसके बाद उसने अलग-अलग दिन गांव के लोगों को जहर मिलाई हुई शराब पिलाई.

आरोपी रामसहाय की खर्वे गांव में ही किराने की दुकान है. गिरफ्तारी के बाद मंगलवार, 23 जून को पुलिस रामसहाय को लेकर उसके घर, दुकान और घटनास्थल पर पहुंची. यहां पुलिस ने उस जहरीले पदार्थ को जब्त किया, जो शराब में मिलाया गया था.

आरोपी पर कैसे हुआ शक?

SP ओपी शर्मा के मुताबिक, सबसे पहली हत्या 6 फरवरी 2026 को बद्री पटेल की हुई थी. इसके बाद 20 फरवरी, 12 मार्च, 20 मार्च और 31 मार्च, 28 अप्रैल और 29 अप्रैल को मौतें हुईं. आखिरी मौत 14 मई को हुई. महज 3 महीने के अंदर एक ही गांव में 8 लोगों की मौतें हो चुकी थीं. इसी बीच एक और व्यक्ति की हत्या की कोशिश हुई. लेकिन किसी तरह वो बच गया. तब ग्रामीणों को शक हुआ कि अब तक जिनकी भी मौत हुई है वो सब रामसहाय के संपर्क में थे. इसलिए जिंदा बच गए उस शख्स को लेकर सभी ग्रामीण कसडोल थाने पहुंचे और जांच की मांग की.

पुलिस ने बताया कि पहले गांव में ऐसी चर्चा थी कि ये हत्याएं नहीं 'बलि' हैं. जो किसी 'गड़े धन' को पाने के लिए दी जा रही थीं. हालांकि, पुलिस की पूछताछ में खजाने के लिए बलि जैसा एंगल सामने नहीं आया. फिलहाल पुलिस ने रामसहाय के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है. इसके अलावा ये भी जांच की जा रही है कि रामसहाय के अपराध में किसी तरह से किसी अन्य व्यक्ति ने भी सहयोग किया था या नहीं.

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