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टेलीग्राम-फेसबुक पर ISIS वाला कंटेंट चल रहा था, ATS ने दो नाबालिगों को पकड़ा

Chhattisgarh ATS को उन नाबालिगों के भड़काऊ पोस्ट सोशल मीडिया पर मिले थे. दोनों को फिलहाल हिरासत में ले लिया गया है और उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया गया है.

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19 नवंबर 2025 (पब्लिश्ड: 08:21 AM IST)
Chhattisgarh ATS booked Two minors under UAPA for spreading ISIS propaganda on social media
पुलिस की सांकेतिक तस्वीर. (Photo: ITG/File)
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छत्तीसगढ़ में दो नाबालिग ISIS का प्रोपेगेंडा फैलाते पकड़े गए हैं. दोनों ISIS के एक समूह के साथ ऑनलाइन जुड़े हुए थे और पाकिस्तान आधारित आतंकी मॉड्यूल के निर्देश पर काम कर रहे थे. दोनों आरोपियों ने सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल बनाई और फिर आतंकी प्रोपेगेंडा फैलाकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे.

छत्तीसगढ़ ATS ने किया खुलासा

छत्तीसगढ़ के एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है. दोनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया गया है और उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया गया है. इंडियन एक्सप्रेस ने छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा के हवाले से बताया कि पुलिस को उन नाबालिगों के भड़काऊ पोस्ट सोशल मीडिया पर मिले थे.

इसके बाद उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई. गृह मंत्री के मुताबिक जब पता चला कि दोनों आरोपी भारत विरोधी गतिविधियों के साथ जुड़े हुए, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया. उन्होंने कहा कि रायपुर समेत राज्य के और भी बड़े शहरों में ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है. पकड़े जाने पर ऐसे लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.

पुणे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरफ्तार

इधर, महाराष्ट्र ATS ने पुणे से पकड़े गए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ज़ुबैर हंगरगेकर पर आरोप लगाया है कि वह सोशल मीडिया पर अल-कायदा के विचारों को फैला रहा था. आजतक से जुड़े ओमकार वाबले की रिपोर्ट के अनुसार जुबैर को 27 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था. ATS के सूत्रों ने कहा है कि वह कई टेलीग्राम ग्रुप चलाता था, जिनमें कट्टरपंथी विचारों को फैलाया जाता था. वह कथित तौर पर युवाओं को आतंकी मॉड्यूल से जुड़ने के लिए भड़काता था.

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रिपोर्ट के अनुसार कथित तौर पर इन सोशल मीडिया ग्रुप्स में गज़वा-ए-हिंद, खिलाफत की स्थापना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नकारने पर चर्चा होती थी. ATS के सूत्रों के मुताबिक जुबैर युवाओं को भारत की चुनावी प्रक्रिया से अलग होने के लिए उकसाता था और कहता था कि लोकतंत्र शरिया के खिलाफ है. बताया गया है कि जुबैर मूल रूप से महाराष्ट्र के सोलापुर का रहने वाला है. उसकी सालाना सैलरी लगभग 22 लाख रुपये थी. उसे भी UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया है.

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