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हरियाणा के इस गांव में 15 दिनों में 12 लोगों की मौत, मरने वालों में 5 बच्चे, जहरीला पानी है वजह?

Haryana: ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी थी. इसके बाद उनकी मौत हो गई. तब से मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अधिकारियों को अभी तक मौतों के पीछे की कोई साफ वजह पता नहीं चल पाई है.

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Haryana Palwal village reports 12 deaths in 15 days, drinking water
बीते 15 दिनों में 12 लोगों की मौत हो चुकी है. (सांकेतिक फोटो: इंडिया टुडे)
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सचिन गौर
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16 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 16 फ़रवरी 2026, 01:12 PM IST)
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हरियाणा के पलवल जिले के एक गांव में बीते 15 दिनों में 12 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें पांच स्कूली बच्चे भी शामिल हैं. लगातार हो रही मौतों से ग्रामीण डरे हुए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों को शक है कि ये मौतें दूषित पानी पीने की वजह से हुई हैं. ग्रामीणों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी थी. इसके बाद उनकी मौत हो गई. तब से मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है. 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरा मामला पलवल जिले के छायंसा गांव का है. हर घर में अब कोई न कोई बुखार, खांसी, बदन दर्द और उल्टी जैसे लक्षणों से पीड़ित है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव में डेरा डाले हुए हैं और सैकड़ों लोगों की जांच कर ब्लड सैंपल जुटा रही हैं. अधिकारियों को अभी तक मौतों के पीछे की कोई साफ वजह पता नहीं चल पाई है. हालांकि, ज्यादातर मरीजों में एक जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं.

गांव के शमीम अहमद ने बताया कि गांव की आबादी करीब 5 हजार है. तीन जगहों से पानी की सप्लाई होती है. गांव के कुछ घरों में सरकारी पानी (नगरपालिका) की सप्लाई है. घरों में कुछ लोगों ने जमीन में अंडर ग्राउंड टैंक बना रखे हैं. इनमें पानी भरने के लिए गांव घर्रोट से पानी के टैंकर मंगाए जाते हैं. कुछ लोग हथीन इलाके से RO प्लांट का पानी पीने के लिए मंगाते हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें 4 मौतों के पीछे हेपेटाइटिस ‘B’ व ‘C’ को कारण बता रही हैं, जबकि 3 मामलों में मल्टीपल ऑर्गन फैलियर और लिवर इंफेक्शन का केस बताया. मौतों के पीछे की साफ वजह अभी भी सामने नहीं आई है.

पलवल CMO डॉ सतिंदर वशिष्ठ ने बताया कि 31 जनवरी को उन्हें गांव में हो रहीं मौतों के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद 1 फरवरी को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव पहुंची और जांच के लिए सैंपल जुटाए. उन्होंने कहा,

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पानी के सैंपल फेल!

डॉ सतिंदर वशिष्ठ ने बताया कि घरों में पीने के पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं. अभी तक 107 में से 23 सैंपल फेल मिले हैं. इनमें बैक्टीरिया की बढ़ोतरी और पानी में क्लोरीन की कमी पाई गई है.

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