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मायावती के बयान पर आजाद का पलटवार, 'क्या पढ़े-लिखे दलित युवा मेंढक हैं?'

आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आप उन्हीं (मायावती) से पूछें कि यह ट्वीट उन्होंने किसके इशारों पर लिखा है. अगर मेरे लिए लिखतीं. तो मेरा नाम लिखतीं.

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3 जून 2025 (अपडेटेड: 3 जून 2025, 08:39 AM IST)
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‘बरसाती मेंढक’ वाले बयान को नगीन से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दलितों का अपमान बताया है. (तस्वीर-इंडिया टुडे)
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बसपा सुप्रीमो मायावती के ‘बरसाती मेंढक’ वाले बयान को नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दलितों का अपमान बताया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि  मैं मायावती को कोई चैलेंज नहीं कर रहा. वह सत्ता में नहीं हैं. चंद्रशेखर ने आगे कहा कि 15 सालों से जो सत्ता का सूखा पड़ा है. वह सूखा खत्म हो. इसलिए मैं अपने समाज को जगाने निकला हूं.

आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने सोमवार, 2 जून को आज तक से बात करते हुए कहा, 

"मायावती का यह ट्वीट हमारे लिए नहीं है. आप उन्हीं (मायावती) से पूछें कि यह ट्वीट उन्होंने किसके इशारों पर लिखा है.  अगर मेरे लिए लिखतीं, तो मेरा नाम लिखतीं. बहन जी मेरे लिए सम्माननीय नेता हैं. आजीवन मैं उनके दीर्घायु होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता रहूंगा. मैं उनका हमेशा से सम्मान करता हूं. और आजीवन करता रहूंगा."

उन्होंने आगे कहा कि वह मुझे बरसाती मेंढक क्यों कहेंगी? क्या बहुजन समाज के पढ़े-लिखे युवा बरसाती मेंढक हैं? ऐसी भाषा बहुजन मिशन की नहीं हो सकती. बहुजन मिशन पर दोनों एक पार्टी में होने के सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि यह उनके हाथ में नहीं है. एकजुटता एक तरफ से नहीं हो सकती है. उसके लिए दोनों तरफ की आवश्यकता होती है.

बता दें कि हाल ही में मायावती के भतीजे आकाश आनंद को बीएसपी पार्टी में चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया था. इसको लेकर बीते रविवार को चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा था कि पहले लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने उन्हें (आकाश आनंद) हटाया. फिर दो महीने बाद फिर से बना दिया. अब फिर से एक साल के अंदर ही उन्हें हटा दिया. उन्होंने आगे कहा कि बार-बार की ऐसी कोशिशों ने समाज में बेचैनी पैदा की है. भ्रम पैदा किया है. इससे बहुजन समाज को राजनीतिक नुकसान हुआ है. अब समाज को तय करना है कि वह किसके साथ खड़ा है.

उनके इस बयान के बाद मायावती ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट लिखा,

"देश में बीएसपी बहुजन हित की एकमात्र अम्बेडकरवादी पार्टी है तथा पार्टी हित में लोगों पर कार्रवाई करने व पश्चाताप करने पर उन्हें वापस लेने की परंपरा है. इसी क्रम में श्री आकाश आनंद के उतार-चढ़ाव व उन्हें मुख्य नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाने से बहुत से लोगों में बेचैनी स्वाभाविक."

मायावती ने अपने X पोस्ट में आगे लिखा कि वैसे भी कांग्रेस, भाजपा व सपा आदि पार्टियों के सहारे व इशारे पर चलकर बहुजनों की एकता व बीएसपी को कमजोर करने वाले बरसाती मेंढकों की तरह के संगठन व दलों के नेता, चाहे निजी स्वार्थ में विधायक, सांसद व मंत्री क्यों न बन जाएं. मायावती ने आगे लिखा कि इनसे समाज का कुछ भला होने वाला नहीं. लोग सावधान रहें.

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