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आदिवासियों को 100% आरक्षण, CM चंद्रबाबू नायडू बोले- 'तरीका ढूंढा जा रहा'

चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनकी सरकार आंध्र के आदिवासी इलाकों में स्थानीय लोगों को 100 फीसदी आरक्षण देने के तरीके तलाश रही है. सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में जारी एक सरकारी आदेश खारिज कर दिया था.

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चंद्रबाबू नायडू ने आदिवासियों को 100 फीसदी पर क्या कहा (India Today)
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राघवेंद्र शुक्ला
13 मई 2025 (पब्लिश्ड: 07:39 PM IST)
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आंध्र प्रदेश में आदिवासी इलाकों के स्थानीय लोगों को सरकारी नौकरियों में 100 फीसदी आरक्षण पर बात फिर शुरू हो गई है. प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को इसे लेकर अधिकारियों के साथ मीटिंग की. सीएम नायडू ने कहा कि उनकी सरकार आदिवासियों को 100 फीसदी आरक्षण देने के तरीके तलाश रही है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आदिवासी कल्याण पर समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने साल 2000 के सरकारी आदेश GO-3 की बहाली के लिए उठाए जा सकने वाले कदमों पर चर्चा की. इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में खारिज कर दिया था. इसके बाद से ही ये मामला अटका पड़ा है.

आदिवासियों को 100% आरक्षण

दरअसल, बीते इलेक्शन में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का चुनावी वादा था कि आदिवासी इलाकों में सरकारी नौकरी पर सिर्फ स्थानीय लोगों का अधिकार होगा. इसके लिए नायडू ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में लोकल लोगों को 100 फीसदी आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन ये काम इतना आसान नहीं था. 

सीएम नायडू ने बताया कि साल 1986 में एक सरकारी आदेश के जरिए आदिवासी इलाकों में लोकल अनुसूचित जनजाति के लोगों को 100 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था लेकिन कुछ कानूनी पेच फंसने के बाद 2000 में एक नया सरकारी आदेश GO-3 जारी किया गया. इसमें प्रावधान था कि राज्य के अनुसूचित इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों के सभी पद केवल स्थानीय अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों द्वारा ही भरे जाएंगे.

इस GO-3 के तहत 4626 आदिवासी उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियां हासिल करने में मदद मिली. लेकिन बाद में जीओ-3 को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया गया. अदालत ने यह कहते हुए आदेश खारिज कर दिया कि संविधान में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत ही निर्धारित है. इससे ज्यादा कोटा संवैधानिक नहीं है.

नायडू ने कोर्ट के इस फैसले के लिए तत्कालीन वाईएसआरसीपी सरकार को जिम्मेदार माना और कहा कि तब की सरकार ने अगर मामले में समीक्षा याचिका दायर करने में देर न की होती तो ये याचिका खारिज नहीं होती. अब नायडू सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का तोड़ निकालने में जुटी है. सोमवार को राज्य के अधिकारियों के साथ मीटिंग में इसी पर चर्चा की गई. 

मीटिंग के बाद सीएम ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के सभी आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को सरकारी नौकरियों में 100 प्रतिशत आरक्षण देने के तरीके तलाश रही है. उन्होंने इस संबंध में अफसरों को अहम निर्देश दिए हैं और उनसे आरक्षण को लेकर आदिवासी लोगों और उनके संगठनों की प्रतिक्रिया जानने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए सरकार कोई भी अवसर नहीं छोड़ेगी. वह हर वो तरीके आजमाएगी, जिससे उनका ये स्पेशल चुनावी वादा पूरा हो सकता है.

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