CBSE के OSM से छात्रों को क्या-क्या दिक्कते हैं? राहुल-केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग लिया
CBSE Board OSM Evaluation: अरविंद केजरीवाल ने कहा कि NEET पेपर लीक के बाद CBSE बोर्ड की परीक्षा के इवैल्यूएशन में धांधली से छात्र डिप्रेशन में हैं. ये इतना बड़ा घोटाला है कि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी को धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए. केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान को ‘यूजलेस एजुकेशन मिनिस्टर’ बताया.

NEET पेपर लीक का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि CBSE बोर्ड की परीक्षा पर भी गंभीर सवाल उठने लगे. सोमवार, 25 मई को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने ये मुद्दा उठाते हुए मोदी सरकार को घेर लिया. राहुल और केजरीवाल दोनों ने ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की. अरविंद केजरीवाल ने तो ये तक कह दिया कि धर्मेंद्र प्रधान एक सेकंड के लिए भी इस देश का एजुकेशन मिनिस्टर बनने के 'लायक नहीं' हैं.
AAP प्रमुख ने आगे कहा कि NEET पेपर लीक के बाद CBSE बोर्ड की परीक्षा के इवैल्यूएशन में धांधली से छात्र डिप्रेशन में हैं. ये इतना बड़ा घोटाला है कि इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी को धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए. केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान को ‘यूजलेस एजुकेशन मिनिस्टर’ बताया और कहा कि उनकी वजह से लाखों छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जा सकता.
राहुल गांधी ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट लिखकर CBSE के मुद्दे पर मोदी सरकार पर तगड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा,
‘मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया. दशकों में पहली बार CBSE बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं. 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी. एक हफ्ते से OSM (ऑन स्क्रीन मार्किंग), गलत मार्किंग और जांच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं और शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं.’
राहुल गांधी ने आगे कहा कि एक 17 साल का बच्चा, जिसकी कॉपी गलत जांची गई, न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया था, लेकिन उसे मदद नहीं गालियां मिलीं. BJP के IT cell ने उसे एंटी नेशनल कहा. सोरोस का एजेंट बताया और Deep State का हिस्सा कहा. एक 17 साल का बच्चा अपने भविष्य के लिए आवाज उठाता है और BJP उसे देशद्रोही बना देती है. राहुल ने कहा कि मोदी सरकार युवाओं और Gen Z से डरती है, क्योंकि वो अब सवाल पूछ रहे हैं.
लेकिन ये मसला है क्या, जिसके लिए राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, CBSE के कई छात्र बोर्ड परीक्षा के नतीजों से निराश नजर आ रहे हैं. छात्रों का दावा है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) के कारण उनके नंबर अपेक्षा से कम आए हैं. वहीं CBSE का कहना है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग से मूल्यांकन प्रक्रिया में एक्यूरेसी और ट्रांसपेरेंसी बढ़ती है.
OSM सिस्टम एक डिजिटल इवैल्यूएशन प्रोसेस है. इसमें कॉपी को स्कैन करके कंप्यूटर स्क्रीन पर चेक किया जाता है. इसमें सबसे पहले आंसर शीट को हाई-स्पीड स्कैनर से स्कैन किया जाता है और डिजिटल फॉर्मेट यानी PDF या इमेज में बदल दिया जाता है. इन कॉपियों को सिक्योर सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जाता है. कॉपी चेक करने वाले टीचर लैपटॉप या टैबलेट पर लॉगिन करके स्क्रीन पर ही आंसर देखते हैं और डिजिटल पेन या माउस से मार्क्स देते हैं. सिस्टम खुद ही मार्क्स जोड़ता है और इससे टोटलिंग एरर नहीं होता.
रिपोर्ट के मुताबिक, इस इवैल्यूएशन प्रोसेस में कई शिक्षकों ने स्कैन की गई आंसर शीट्स के ब्लर होने और तकनीकी समस्याओं को लेकर भी चिंता जताई है.
री-वैल्युएशन में भी आ रही दिक्कतेंवहीं, स्कैन की गई आंसर शीट हासिल करना और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया भी कई छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन गई है. देशभर में लाखों छात्र स्कैन शीट के लिए CBSE पोर्टल पर आवेदन कर रहे हैं, लेकिन वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें सामने आ रही हैं. कहीं सर्वर डाउन है तो कहीं पेमेंट संबंधी समस्याएं हो रही हैं. कई छात्रों का कहना है कि उन्हें जो स्कैन शीट मिली, वह ब्लैंक थी. वहीं कुछ छात्रों का आरोप है कि पेमेंट होने के बावजूद उन्हें अब तक उनकी आंसर शीट नहीं मिली. इन शिकायतों के बीच छात्रों में CBSE को लेकर नाराजगी और निराशा दिखाई दे रही है.
केजरीवाल ने उठाया री-इवैल्यूएशन का मुद्दाकेजरीवाल ने कहा कि बच्चों की मांग है कि उनकी आंसर शीट का मैनुअल री-वैल्यूएशन करवाया जाए और री-वैल्यूएशन की फीस माफ की जाए. साथ ही कॉपी चेक करने के लिए OSM प्रोसेस को पूरी तरह से खारिज किया जाए. उन्होंने री-इवैल्यूएशन को जल्द से जल्द करवाने की भी बात कही ताकि बच्चों के एडमिशन के प्रोसेस पर कोई आंच न आए.
केजरीवाल ने दावा किया कि कई छात्रों का कहना है कि कई दिनों से CBSE का पोर्टल काम नहीं कर रहा. बच्चे लॉग-इन नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने अपने एक दोस्त के बारे में बताया, जिनकी बेटी ने ‘40 बार’ पोर्टल को लॉग-इन करने की कोशिश की, तब जाकर लॉग-इन हो पाया.
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