रामदास आठवले की ये कविता सुनकर बजट का 'दुख-सुख' भूल जाएंगे
Budget 2026: संसद में वित्तमंत्री का भाषण चाहे जितना ‘भारी-भरकम’ और ‘जरूरी’ हो लेकिन असली ‘पब्लिक डिमांड’ तो रामदास आठवले की उन चार लाइनों की होती है, जिसकी तुकबंदी सुनकर मिर्जा गालिब की जन्नत में भी बांछें खिल जाएं.
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रामदास आठवले ने तुकबंदी में बजट पर प्रतिक्रिया दी है (india today)
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वीडियो: Budget 2026: कंटेंट क्रिएटर्स को लेकर क्या ऐलान हुआ?

