कोर्ट से बरी होने के बाद बोले बृजभूषण, 'मैंने कभी POCSO को कलंक नहीं माना'
आरोप लगने के बाद बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं. अगर इन आरोपों में रत्ती मात्र भी सच्चाई होगी वो खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेंगे.

“मैंने इस आरोप, POCSO (नाबालिग के साथ यौन शोषण) को कभी कलंक माना ही नहीं , क्योंकि मुझे मालूम था कि ये झूठ है इस तरह की घटनाओं को अपने आप से समझने में 1 मिनट से ज्यादा का वक्त नहीं लगेगा कि आप से कहां गलती हुई.”
ये शब्द हैं कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह के. POCSO के मामले में बरी होने के बाद पहली बार बृज भूषण शरण सिंह ने आजतक से बातचीत की. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आरोपों की जानकारी मिलने के बाद ही से वे इसे सिरे से खारिज करते आए हैं.
फांसी पर लटक जाऊंगाआरोप लगने के बाद बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं. अगर इन आरोपों में रत्ती मात्र भी सच्चाई होगी वो खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेंगे. बृज भूषण शरण सिंह ने कहा,
कुमार अभिषेक ने बृज भूषण शरण सिंह से पूछा कि क्या अपने ऊपर लगे आरोपों को वो बोझ मानते थे? इस पर बृज भूषण शरण सिंह कहते हैं,
बृज भूषण शरण सिंह पर लगे मुकदमों को लेकर भी सवाल पूछे गए. इस पर वो कहते हैं,
बृज भूषण शरण सिंह आगे कहते हैं,
कुमार अभिषेक ने बृज भूषण शरण सिंह से पूछा कि उनके बेटे अब सांसद हैं. वो भी लोकप्रिय हो रहे हैं. इसको कैसे देखते हैं? इस पर बृज भूषण शरण सिंह कहते हैं,
SC/ST एक्ट, दहेज उत्पीड़न एक्ट और यौन शोषण पर बने कानूनों को सवाल पर बृज भूषण शरण सिंह कहते हैं,
लव जिहाद को लेकर पूछे गए सवाल पर बृज भूषण शरण सिंह कहते हैं कि जब लोग आपस में मिलकर संबंध बनाते हैं, वो बालिग़ होते हैं पढ़े लिखे होते हैं, लेकिन संबंध टूटने पर इस तरह के आरोपों में फंसाए जाते हैं तो यह नहीं होना चाहिए. ये कानून बच्चियों के संरक्षण के लिए बनाए गए थे. लेकिन अब इसका इस्तेमाल देश भर में हथियार के तौर पर किया जा रहा है.
बृज भूषण शरण सिंह कहते हैं कि पहलवानों के सारे आरोपों के जवाब उनके पास है. बृज भूषण कहते हैं कि उन्होंने एक-एक टाइम, जब जब आरोप लगा है, सबके सबूत के साथ अदालत में जमा कर रखे हैं. जो-जो टाइम पहलवानों ने बताया है, तब तब वो विदेश में पत्रकारों के साथ थे. वो कहते हैं-
जब बृज भूषण शरण सिंह से पूछा गया कि अखिलेश यादव और लालू यादव का उनके मामले पर क्या रिएक्शन था? इस पर बृज भूषण शरण सिंह ने कहा,
राजनीतिक संबंधों का फायदाकुश्ती संघ की अध्यक्षता के सवाल पर बृज भूषण शरण सिंह कहते हैं कि 12 साल रहने के बाद अब मैं दोबारा भारतीय कुश्ती संघ का अध्यक्ष तो नहीं हो सकता लेकिन आज भी यह संघ मेरा ही है. वो कहते हैं कि उनका बेटा यूपी के कुश्ती संघ का अध्यक्ष है. भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष उनके करीबी हैं. 40 साल से वो उन्हें जानते हैं. वो कहते हैं कि कुश्ती और संघ से उनका रिश्ता कभी खत्म हो ही नहीं सकता. बृज भूषण शरण सिंह अपने आप को शुद्ध ‘मनुवादी’ और सनातनी आदमी बताते हैं. वो कहते हैं कि मैं पहले से ज्यादा सक्रिय हूं और कर्म कर रहा हूं.
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