एथेनॉल पर ब्राज़ील ने 50 साल लगाए, भारत को इतनी जल्दी किस बात की है?
ब्राजील और भारत में एथेनॉल पॉलिसी का फर्क कुछ-कुछ कछुए और खरगोश वाली कहानी जैसा है. ब्राज़ील ने कछुए की चाल चुनी लेकिन एक-एक बिंदु को दुरुस्त रखा. इकोसिस्टम बनाया, जनमानस को तैयार किया. और सबसे महत्वपूर्ण, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को समय दिया, ताकि वो ब्लेंडेड फ्यूल के हिसाब से गाड़ियां बना सके.
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सरकार ने क्लियर कर दिया है कि एथेनॉल कोई प्रयोग नहीं बल्कि पॉलिसी है (PHOTO-AI Generated)
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