'पलाश मुच्छल को बदनाम मत करो,' बॉम्बे हाई कोर्ट ने मानहानि केस में किसे फटकार दिया?
Palash Muchhal ने Bombay High Court में Vidnyan Mane को उनकी बदनामी करने से रोकने के लिए एक अंतरिम अर्जी दी. इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पलाश मुच्छल को अंतरिम राहत दी है.

सिंगर और फिल्म मेकर पलाश मुच्छल और इंडियन क्रिकेटर स्मृति मंधाना की शादी टूटने की वजह के बारे में किसी तरफ से कोई ऑफिशियली बयान नहीं आया. लेकिन मराठी एक्टर और प्रोड्यूसर विद्यान माने ने शादी टूटने की एक सनसनीखेज वजह बताई थी. उन्होंने पलाश मुच्छल पर स्मृति मंधाना को धोखा देने का आरोप लगाया था, जिसके बाद पलाश ने उन पर मानहानि का केस दायर किया था. अब इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट से पलाश को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने विद्यान माने को ऐसे बयान देने से मना किया है, जो पलाश को ‘बदनाम’ करते हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, पलाश मुच्छल ने विद्यान माने के खिलाफ 10 करोड़ रुपये के मानहानि का केस दर्ज किया था. इसी केस की सुनवाई में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दी है. इंडिया टुडे से जुड़ी विद्या की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 फरवरी को बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस मिलिंद जाधव की बेंच ने विद्यान माने को पलाश मुच्छल के खिलाफ ‘अपमानजनक टिप्पणी’ न करने का आदेश दिया और कहा कि वो उनकी छवि खराब करने वाले बयान न दें.
विद्यान माने ने जनवरी 2026 में पलाश मुच्छल के खिलाफ 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने दावा किया कि पलाश ने उनसे एक फिल्म के लिए 40 लाख रुपये लिए थे, लेकिन वह फिल्म कभी बनी ही नहीं. इसके अलावा पलाश की स्मृति मंधाना से शादी टूटने पर भी उन्होंने कई सनसनीखेज दावे किए थे. माने ने कहा था कि पलाश ने स्मृति से ‘बेवफाई’ की थी.
पलाश ने माने के दावों को झूठा बताया और उनके खिलाफ 10 करोड़ रुपये के मानहानि का केस कर दिया. उनकी अर्जी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस मिलिंद जाधव ने विद्यान माने को पलाश मुच्छल को बदनाम करने वाले बयान न देने का आदेश दिया. कोर्ट ने माने की टिप्पणियों को ‘पहली नजर में मानहानि करने वाला’ पाया. जस्टिस जाधव ने अंतरिम आदेश में कहा,
कोर्ट ने कहा कि पलाश मुच्छल इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री और फिल्म इंडस्ट्री के फील्ड में एक मशहूर म्यूजिक कंपोजर और फिल्म मेकर हैं. उन्हें 6 अवॉर्ड मिल चुके हैं. कोर्ट ने अपने सामने पेश किए गए तथ्यों पर गौर करते कहा कि विद्यान माने को पलाश मुच्छल और उनकी मां पर हमला करने वाले ऐसे किसी भी तरह के बयान देने से रोका जाए, जो उन इंटरव्यू में किए गए हैं, जो पहली नजर में ‘बदनाम करने वाले’ हैं. इस मामले में अगली सुनवाई 11 मार्च 2026 को होगी.
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