मराठी और अंग्रेजी के ट्रांसलेशन में अंतर था, हाई कोर्ट ने आरोपी मजदूर को रिहा कर दिया
Bombay High Court ने माना कि आदेश के मराठी और अंग्रेजी वर्जन में अंतर था. इस कारण से याचिकाकर्ता के सामने भ्रम की स्थिति बनी और वो सही ढ़ंग से अपना पक्ष नहीं रख सका.
Advertisement

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मजदूर को रिहा करने का आदेश दिया है. (फाइल फोटो: एजेंसी/इंडिया टुडे)
Story Summary
वीडियो: 66 महिला अधिवक्ताओं और 40 से ज़्यादा वरिष्ठ अधिवक्ताओं समेत 130 से ज़्यादा वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को चिट्ठी क्यों लिखी?


