निशिकांत दुबे ने बीजू पटनायक पर विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगी, पर नेहरू को नहीं बख्शा
Nishikant Dubey ने जोर दिया कि उनकी टिप्पणी पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बारे में थी. वे पहले भी सफाई दे चुके हैं कि उन्होंने Biju Patnaik के बारे में कुछ भी गलत नहीं कहा. हालांकि, मामला थमा नहीं और बात माफी तक आ गई.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक पर विवादित टिप्पणी के लिए बिना शर्त माफी मांग ली है. उनकी टिप्पणी पर ना केवल बीजू जनता दल (BJD), बल्कि उनकी ही पार्टी के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी. मामले ने तूल पकड़ा, तो निशिकांत घिर गए. बुधवार, 1 अप्रैल को उन्होंने बीजू पटनायक पर अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली. लेकिन BJP सांसद अपने माफीनामे में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लेकर सख्त ही रहे.
निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्होंने पूर्व पीएम नेहरू पर एक टिप्पणी की थी, जिसे गलती से बीजू पटनायक से जोड़ दिया गया. 27 मार्च को न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए निशिकांत ने कथित तौर पर बीजू पटनायक को अमेरिका और उसकी खुफिया एजेंसी - सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) - से जोड़ा था.
झारखंड की गोड्डा सीट से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने माफी मांगते हुए X पर लिखा,
"पिछले हफ्ते मीडिया से बात करते हुए मैंने नेहरू-गांधी परिवार के कारनामों के क्रम में (ओडिशा के) पूर्व मुख्यमंत्री (और) भारत के अग्रणी नेताओं में स्थान रखने वाले आदरणीय श्री बीजू पटनायक जी के संदर्भ में मेरी बातों से गलत अर्थ निकाला गया. पहले तो यह वक्तव्य मेरा व्यक्तिगत है. नेहरू जी के ऊपर मेरे विचार को बीजू बाबू के ऊपर समझा गया. बीजू बाबू हमारे लिए हमेशा ऊंचे कद के स्टेट्समैन रहे हैं और रहेंगे. मेरे वक्तव्य से यदि भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं बेशर्त क्षमा चाहता हूं."

निशिकांत दुबे ने जोर दिया कि उनकी टिप्पणी पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बारे में थी. वे पहले भी सफाई दे चुके हैं कि उन्होंने बीजू पटनायक के बारे में कुछ भी गलत नहीं कहा. हालांकि, मामला थमा नहीं और बात माफी तक आ गई. लेकिन निशिकांत ने ऐसा क्या कहा था, जो BJD से लेकर BJP तक में बवाल मच गया?
27 मार्च को ANI से बातचीत के दौरान निशिकांत ने कथित तौर पर कहा,
"नेहरू जी ने चीन के खिलाफ 1962 का युद्ध अमेरिका के पैसे से लड़ा और CIA एजेंट के साथ मिलकर लड़ा. और तत्कालीन ओडिशा के मुख्यमंत्री बीजू पटनायक जी, वे अमेरिका सरकार, CIA और नेहरू जी के बीच में एक कड़ी थे. यहां तक कि अधिकारियों को भी पता था. मैंने नेहरू जी की दो चिट्ठी जारी की हैं, जिसमें वे अपने अधिकारियों को, खासकर अमेरिका के एंबेसडर को कह रहे हैं कि तुम अपना काम करो, बीजू पटनायक को हमने भेजा है, और बड़े काम के लिए भेजा है... "
उनके बयान पर बीजू पटनायक के बेटे और बीजू जनता दल (BJD) के संस्थापक नवीन पटनायक ने कड़ी आपत्ति जताई थी. नवीन भी ओडिशा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. 30 मार्च को उन्होंने कहा,
"BJP सांसद (निशिकांत दुबे) ने बीजू बाबू के बारे में जो बेतुकी बातें कहीं, उन्हें सुनकर हैरानी हुई. मुझे नहीं लगता कि उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें दिल्ली में अपने बगल में एक ऑफिस दिया था, जब वे ओडिशा के मुख्यमंत्री थे, ताकि चीन से लड़ाई के दौरान स्ट्रैटेजी बनाने और चीनियों से लड़ने में मदद कर सकें. मैं तब लगभग 13 साल का था, लेकिन मुझे याद है कि चीन के हमले से बीजू बाबू कितने गुस्से में थे और उन्होंने उसे पीछे हटाने के लिए कितना कुछ किया था. मुझे लगता है कि सांसद को किसी मेंटल डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है."
BJP के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट और ओडिशा के केंद्रपाड़ा से सांसद बैजयंत पांडा ने भी निशिकांत दुबे को आड़े हाथों लिया था. उन्होंने निशिकांत दुबे की टिप्पणी को गलत बताते हुए कहा कि ऐसे हमले 'गलत, बिना जानकारी के और पूरी तरह से नामंजूर' हैं. BJD सांसद सस्मित पात्रा ने तो संसद की कम्युनिकेशन और IT संबंधी स्टैंडिंग कमेटी से इस्तीफा ही दे दिया. इस कमेटी की अध्यक्षता BJP सांसद निशिकांत दुबे ही करते हैं.
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