The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • bihar samastipur snake man jai kumar sahni dies of snakebite after 25 years of rescue

25 साल से सांपों को बचा रहा था और सांप ने ही डस लिया, मौत हो गई

जय कुमार बिना किसी डर के सांप को पकड़ते थे. इसके बाद उसे जंगल में छोड़ देते थे. वे लोगों को सांप के काटने के बाद किए जाने वाले प्राथमिक उपचार और बचाव के तरीकों के बारे में भी जानकारी देते थे.

Advertisement
bihar samastipur snake man jai kumar sahni dies of snakebite after 25 years of rescue
‘स्नैक मैन’ के नाम से मशहूर जय कुमार सहनी की मौत सांप के काटने से हो गई. (तस्वीर-इंडिया टुडे)
pic
सचेंद्र प्रताप सिंह
3 मई 2025 (पब्लिश्ड: 06:39 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

बिहार के समस्तीपुर जिले में ‘स्नेक मैन’ के नाम से मशहूर जय कुमार सहनी की मौत सांप के काटने से हो गई. जय कुमार पिछले 25 सालों से सांपों को लोगों से सुरक्षित बचाकर जंगलों में छोड़ते थे. इस दौरान वे लोगों को सांप के काटने के बाद किए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूक भी करते थे. लेकिन दुर्भाग्यवश उनकी मौत उसी वजह से हो गई, जिससे वे दूसरों को बचाते थे.

इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार जहांगीर आलम की रिपोर्ट के मुताबिक घटना समस्तीपुर जिले के बसही भिंडी गांव की है. यहां के रहने वाले जय कुमार सहनी ‘स्नेक मैन’ के नाम से जाने जाते थे. वे करीब 24 सालों से सांपों का रेस्क्यू कर रहे थे. जब भी जिले में कहीं सांप निकलता लोग सबसे पहले उन्हें ही फोन करते थे. जय कुमार बिना किसी डर के सांप को पकड़ते थे. और फिर उसे जंगल में छोड़ देते थे. वे लोगों को सांप के काटने के बाद किए जाने वाले प्राथमिक उपचार और बचाव के तरीकों के बारे में भी जानकारी देते थे.

रिपोर्ट्स के अनुसार शनिवार 2 मई को पास के एक गांव से उन्हें फोन आया कि एक घर में सांप दिखाई दिया है. सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. इसी दौरान एक सांप ने उनके दाहिने हाथ के अंगूठे पर काट लिया. सांप के काटने के बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी. परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां पर डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया.

हजारों सांपों को दी थी नई जिंदगी

जय कुमार सहनी ने साल 2000 में सांपों को बचाने की मुहिम शुरू की थी. अब तक वे हजारों सांपों को बिना नुकसान पहुंचाए रेस्क्यू कर चुके थे. उन्हें उनके साहस और सेवा कार्यों के लिए कई बार सम्मानित भी किया गया था. वे जान जोखिम में डालकर भी सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ते थे. उनके इस जुनून और साहस की लोग मिसाल दिया करते थे.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जय कुमार सहनी का निधन न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए एक बड़ी क्षति है. सोशल मीडिया पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. 

वीडियो: बिहार में आंधी-तूफान, अब तक कितनी मौतें?

Advertisement

Advertisement

()