The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • bihar aurangabad village girls suicide one out of 5 survived poison

बिहार में 5 दलित लड़कियों ने जहर खाया, 4 की मौत, एक नाबालिग लापता

बिहार के एक गांव में 5 सहेलियों ने एक साथ ज़हर खा लिया. जिनमें से चार की मौत हो गई और एक लापता है. इस घटना के बाद गांव खाली हो गया और पुलिस के पूछताछ में भी कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है. क्या कहानी है इसके पीछे?

Advertisement
pic
9 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 02:17 PM IST)
mass suicide girls in bihar
बिहार में 5 नाबालिगों ने एक साथ ज़हर खा लिया.
Quick AI Highlights
Click here to view more

बिहार के औरंगाबाद ज़िले के एक गांव में 5 लड़कियों के एक साथ ज़हर खाने की ख़बर फैली. बाद में पता चला कि चार की मौत हो चुकी है और एक लापता है. पांचों लड़कियां नाबालिग हैं. जिनकी उम्र 10-14 साल के बीच है. जब लड़कियों का शव बरामद हुआ तो परिजनों ने आनन-फानन में दाह संस्कार कर दिया. एक ही चिता पर चारों लड़कियों को जलाया गया. अब इस गांव से मर्द गायब हैं और औरतें कुछ बताने को तैयार नहीं. ये घटना अभी तक एक गुत्थी है. क्या हुआ था?

घटना हसपुरा थाना क्षेत्र मोती बिगहा गांव राजवंशी टोला की है. 1 फरवरी को हसपुरा पुलिस थाना को इस बात की जानकारी मिली. इसपर कार्रवाई करते हुए पुलिस गांव पहुंची. उन्हें ख़बर मिली थी कि गांव में लड़कियों ने एक साथ ज़हर खा लिया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, जब थाना प्रभारी दिनेश कुमार और SDPO दाउदनगर वहां पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि लड़कियों का दाह संस्कार हो चुका है. बता दें लड़कियां दलित समुदाय से आती हैं. 

गांववालों को कैसे मिला शव?

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि गांव से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर तालाब के पास  लड़कियों का शव बरामद हुआ. गांव के विनोद राजवंशी, सीता राजवंशी, वीरेंद्र राजवंशी, नंदू राजवंशी और रंजीत राजवंशी की बेटियों ने एक साथ जहर खाया था. इनमें से 4 लड़कियों की मौत हो गई, जबकि विनोद राजवंशी की बेटी अभी जिंदा है.

गांव के लोगों ने पुलिस को जानकारी दिए बिना ही चारों शवों को एक ही चिता पर जला दिया. कुछ लोगों का कहना है कि घरवालों के पास पैसे नहीं थे इसीलिए एक ही चिता में सबको जला दिया. कहा जा रहा है कि घटना के बाद ग्रामीण मामले को दबाने में लग गए. गांव में मीटिंग बुलाई गई. फैसला लिया गया कि यह 4 लड़कियों की मौत की बात गांव से बाहर नहीं जानी चाहिए, लेकिन धीरे-धीरे यह खबर फैल गई. 

फिर पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू की. लेकिन अभी तक कुछ हाथ नहीं लगा. रिपोर्ट के मुताबिक़, कुछ पुलिसकर्मियों को नज़र रखने के लिए तैनात किया गया है. 

पुलिस ने क्या कहा?

रिपोर्ट के मुताबिक़, 2 फरवरी को पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी किया. प्रेस नोट में पुलिस ने कहा, 

पुलिस रविवार को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 तक गांव में रही. लेकिन कोई भी जानकारी नहीं मिली. कोई कुछ बोलने को तैयार ही नहीं है. गांव के सभी पुरुष फरार हो चुके थे. महिलाएं कुछ भी बताने से इनकार करती रहीं. 

घटना की जानकारी मिलते ही IG क्षत्रनील सिंह ने भी गांव पहुंचकर पूछताछ की. उन्होंने कहा,

पूरे मामले हर एंगल से जांच हो रही है. स्कूलों में कौन-कौन बच्चियां तीन ‎दिनों से नहीं जा रही हैं, इसकी भी जानकारी ‎इकट्ठा की जा रही है. गांव पूरी तरह से‎ खाली है. कोई कुछ नहीं बता रहा है,‎जिससे जांच में परेशानी हो रही है.  जहां शव जलाया गया है वहां फॉरेंसिक टीम को तैनात किया गया है. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, लड़कियां पांचवीं क्लास तक पढ़ी थीं क्योंकि गांव में इससे ऊपर क्लास का स्कूल नहीं है. वो घर के काम में हाथ बटाती थीं. इन सबका घर के दूसर के बगल में ही था. सबके घर माटी से बने हुए हैं. जो लड़की इस हादसे में बच गई है उसके घर पर ताला लगा हुआ है. इस घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. 

वीडियो: 'प्लास से कान काटा, रॉड से मारा,' बिहार में भीड़ ने अतहर को पीटा, मौत के बाद क्या बोला परिवार?

Advertisement

Advertisement

()