BHU में नहीं होगा बिहार के 'आयुष्मान' मरीजों का इलाज? सरकार 4 साल से पैसा ही नहीं दे रही
आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड होल्डर्स का 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जाता है. इसमें 60 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार के जिम्मे होता है. बताया जाता है कि बिहार सरकार मरीजों का खर्च नहीं उठा रही है.
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वाराणसी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में बिहार के मरीजों के इलाज पर संकट खड़ा हो गया है. यहां पिछले चार सालों में बिहार के 1136 मरीज भर्ती हुए जिन्होंने मेडिकल टेस्ट्स के अलावा हाथ-घुटने और पैरों का ऑपरेशन करवाया. इनका इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत हुआ. इनके इलाज का खर्च लगभग 8 करोड़ रुपये आया था. ये सारा भुगतान बिहार सरकार को करना था. लेकिन बीते चार सालों से बिहार की सरकार ने इसका भुगतान नहीं किया. लिहाजा अब अस्पताल पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है. और इस वजह से बिहार के लोगों के इलाज पर आने वाले समय में संकट खड़ा हो सकता है.
अमर उजाला में छपी रिपोर्ट के मुताबिक बीएचयू में आने वाले 40 प्रतिशत मरीज बिहार से होते हैं. पुराना पेमेंट न होने की वजह से अब दवा कंपनियां भी बिहार के आयुष्मान कार्ड देखकर सर्जिकल उपकरण और दवा आदि देने से कतरा रही हैं. वही, ट्रॉमा सेंटर प्रशासन का कहना है कि उन्होंने इस बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय, लोकल हेल्थ डिपार्टमेंट और जिला प्रशासन से कई बार कहा है. लेकिन अभी तक इसमें बिहार सरकार की ओर से कोई भुगतान नहीं किया गया है.
5 लाख तक के इलाज का प्रावधान हैआयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड होल्डर्स का 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जाता है. इसमें 60 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार, और 40 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार के जिम्मे होता है. ट्रॉमा सेंटर में आयुष्मान भारत योजना का एक अलग काउंटर भी है, जहां रजिस्ट्रेशन कराकर इलाज किया जाता है. लेकिन बिहार की सरकार चार साल से वहां के मरीजों का खर्च नहीं उठा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक यूपी और अन्य राज्यों का भुगतान कुछ देरी से ही सही, लेकिन आ जाता है. लेकिन बिहार का भुगतान होने में देरी होती जा रही है. इस मामले पर जानकारी देते हुए नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ सुनील कुमार बरनवाल कहते हैं,
आयुष्मान भारत योजना के तहत ट्रॉमा सेंटर में बिहार के मरीजों का भुगतान न होने की जानकारी मिली है. इस बारे में बिहार सरकार से जुड़े जिम्मेदार लोगों को लेटर भेजकर इस दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है.
बिहार सरकार की ओर से भुगतान न होने की समस्या सिर्फ ट्रॉमा सेंटर तक सीमित नहीं है. बीएचयू कैंपस स्थित सर सुंदरलाल हॉस्पिटल में भी भुगतान में समस्या आ रही है. यहां दो महीने में 673 लोगों का इलाज किया गया है, लेकिन इनका भुगतान नहीं हुआ है. हालांकि अस्पताल ने मरीजों का इलाज नहीं रोका है.
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