एक छात्रा की मौत के बाद 6 फैकल्टी डॉक्टर सस्पेंड, बेंगलुरु डेंटल छात्रा सुसाइड केस क्या है?
कॉलेज ने 6 फैकल्टी मेंबर्स को घटना के बाद सस्पेंड किया है.
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बेंगलुरु में एक डेंटल कॉलेज की छात्रा ने अपने कमरे पर आत्महत्या कर ली. 23 साल की स्टूडेंट की मां ने बताया कि आंख में परेशानी की वजह से वह एक दिन कॉलेज नहीं जा पाई थी. उसके अगले दिन जब वो क्लास में गई तो एक टीचर ने उसे उसके क्लासमेट्स के सामने अपमानित किया. उसकी आंख की बीमारी का मजाक उड़ाया. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी पढ़ने में तेज थी, लेकिन स्वभाव से संवेदनशील थी. उसे इस बात का इतना बुरा लगा कि वह पूरी तरह से टूट गई. इसी के बाद उसने जान दे दी. घटना के बाद कॉलेज प्रशासन 6 फैकल्टी मेंबर्स को सस्पेंड कर दिया है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ये घटना बेंगलुरु के बोम्मनहल्ली की है. यहां के ‘द ऑक्सफोर्ड डेंटल कॉलेज’ में थर्ड ईयर की छात्रा बी यशस्विनी ने चंदापुर के हेडमास्टर लेआउट के अपने घर में 8 जनवरी को आत्महत्या कर ली थी. छात्रा की मां का आरोप है कि उनकी बेटी को एक टीचर ने मानसिक रूप से परेशान किया. उन्होंने इस पूरे मामले के लिए कॉलेज के प्रिंसिपल को भी जिम्मेदार ठहराया. परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उसे सेमिनार में जाने का मौका नहीं दिया गया और रेडियोलॉजी का केस वर्क भी नहीं सौंपा गया. यशस्विनी को डर था कि इससे उसकी पढ़ाई और इंटरनल मार्क्स पर बुरा असर पड़ेगा.
यशस्विनी ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, लेकिन उसमें आत्महत्या के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है. सूर्या सिटी पुलिस ने इस मामले में अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज किया है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया,
मृत छात्रा ने किसी का नाम नहीं लिया है, इसलिए कॉलेज के किसी भी स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है. अगर आगे कोई नई जानकारी सामने आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी.
घटना के बाद यशस्विनी के परिवार ने और उसके साथी छात्रों ने कॉलेज अस्पताल की मॉर्चरी के बाहर प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना है कि अगर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे मामले और भी हो सकते हैं.

इसे देखते हुए कॉलेज मैनेजमेंट ने सोमवार, 13 जनवरी को ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के 6 फैकल्टी सदस्यों को सस्पेंड कर दिया. कॉलेज प्रबंधन की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, यह सस्पेंशन सोमवार, 12 जनवरी से लागू हो गया है और अगले आदेश तक जारी रहेगा. कॉलेज का कहना है कि फैकल्टी को सस्पेंड करना एहतियाती कदम है. मामले की विस्तार से जांच की जा रही है.
सस्पेंड किए गए शिक्षकों में 4 सीनियर लेक्चरर हैं, जिनके नाम डॉ. अनमोल राजदान, डॉ. शबाना बानू, डॉ. फैका कोलकर और डॉ. अल्बा दिनेश हैं. इसके अलावा एक रीडर डॉ. सिंधु आर और एक प्रोफेसर डॉ. सुष्मिनी हेगड़े को भी सस्पेंड किया गया है.
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