'मैंने गाय का गोश्त बनाया, खाओगे क्या', सीएम शुभेंदु को चिढ़ाने वाली महिला हिरासत में
हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाली एक महिला ने वीडियो बनाकर बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को गाय का गोश्त खाने का आमंत्रण दिया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद गुरुग्राम सेक्टर 29 थाने की पुलिस ने एक्शन लेते हुए महिला को हिरासत में लिया है.

हरियाणा के गुरुग्राम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में एक महिला दावा करती है कि वह कड़ाही में ‘गाय का गोश्त’ पका रही है. महिला इस गोश्त को खाने के लिए बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को आमंत्रित करते हुए दिख रही है. वीडियो पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है.
इंडिया टुडे से जुड़े नीरज वशिष्ट के इनपुट के मुताबिक, वायरल वीडियो में महिला रसोई में खाना बनाती हुई दिखाई दे रही है. और बांग्ला में बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नाम ले रही है. अधिकारी को संबोधित करते हुए उसने कहा,
आपने इस बार तो मुझे ईद पर कुर्बानी नहीं देने दी, लेकिन आप खुद दूसरों के घर जाकर दो-दो कटोरी गोश्त खाकर आए. आपको गोश्त खाना बहुत पसंद है, इसलिए मैंने आपके लिए यह गोश्त और साथ में रोटी बनाई है. अगर आपको चावल खाना हो, तो वह भी बता देना.
वीडियो के आखिरी हिस्से में महिला गुस्से में CM से कहती है कि ज्यादा लालच अच्छा नहीं होता और लालच का परिणाम बुरा होता है. महिला का आरोप है कि शुभेंदु मुसलमानों पर अत्याचार कर रहे हैं और उन्हें इसके लिए ऊपर वाले के यहां जवाब देना होगा. महिला कहती है,
आप जो हिंदुओं को भड़का रहे हो, याद रखना ऊपर अल्लाह बैठा है और वह आपको इसका सबक सिखाएगा.
सीएम शुभेंदु अधिकारी पर भड़की इस महिला का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, इसकी शिकायत पुलिस से की गई. इसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया. जांच की गई तो पता चला कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल से नहीं बल्कि हरियाणा से बनाया गया है. महिला गुरुग्राम के चकरपुर इलाके के चंद्रलोक इलाके में किराए के मकान में रहती है. और उसका नाम जोसना बीवी है. महिला को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
दरअसल पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी ने, गौहत्या से जुड़े 1950 के कानून और 2018 के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए, एक नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में कहा गया है कि बिना 'फिटनेस सर्टिफिकेट' के किसी भी मवेशी की हत्या पूरी तरह से प्रतिबंध है.
बंगाल सरकार ने कहा है कि फिटनेस सर्टिफिकेट केवल किसी नगरपालिका के अध्यक्ष, किसी पंचायत समिति के प्रमुख और एक सरकारी पशु चिकित्सक के साथ मिलकर जारी किया जाएगा. यह सर्टिफिकेट तभी जारी होता है जब अथॉरिटी सहमत हो कि जानवर 14 साल से ज्यादा उम्र का है, और प्रजनन के लायक नहीं हो यानी बूढ़ा है. या फिर किसी लाइलाज बीमारी के कारण अक्षम हो.
इसके अलावा सार्वजनिक बूचड़खानों पर भी रोक लगा दी गई है. सरकार का कहना है कि जानवरों की हत्या केवल नगरपालिका के बूचड़खाने, या स्थानीय प्रशासन से निर्धारित बूचड़खाने में ही की जाएगी. ईद से ठीक दो सप्ताह पहले जारी किए इस नोटिस को लेकर पश्चिम बंगाल के लोगों में नाराजगी थी.
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