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यूपी: SSP ने अपनी ही एंटी करप्शन टीम के खिलाफ दिया जांच का आदेश, घूस लेते दरोगा को पकड़ा था

बरेली में अजब मामला सामने आया है. यहां एंटी करप्शन टीम ने एक दरोगा को घूसखोरी के मामले में गिरफ्तार किया. परिवार ने शिकायत की कि उन्हें झूठा फंसाया गया है. इस पर एसएसपी ने 3 लोगों को एंटी करप्शन टीम की जांच करने के लिए लगा दिया है.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
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राघवेंद्र शुक्ला
27 मार्च 2025 (अपडेटेड: 27 मार्च 2025, 12:33 PM IST)
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भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का दावा करने वाली एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन (ACO) अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है. उत्तर प्रदेश के बरेली में ACO के अधिकारियों पर एक दारोगा को ‘झूठे’ केस में फंसाने का आरोप लगा है. मामले की जांच के लिए बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने 3 सदस्यों वाली जांच कमेटी गठित कर दी है. सब-इंस्पेक्टर दीप चंद को इस साल 6 जनवरी को घूसखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. परिवार ने इस गिरफ्तारी का विरोध करते हुए एसएसपी से शिकायत की थी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दारोगा पर आरोप था कि उन्होंने एक मारपीट के मामले में आरोपी से 50 हजार रुपये की रिश्वत ली थी. गिरफ्तारी के बाद से ही उन्हें आगरा की जेल में रखा गया है. इस गिरफ्तारी पर दीप चंद के परिवार ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि ACO की टीम ने उन्हें झूठे केस में फंसाया है. परिवार का दावा है कि दीप चंद को पुलिस चौकी से कई लोगों की मौजूदगी में गिरफ्तार किया गया था. ACO के एक अधिकारी ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि कार्रवाई पूरी तरह सबूतों के आधार पर की गई है.

क्या बोले ACO के अधिकारी

अधिकारी ने बताया कि CCTV फुटेज में दीप चंद को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है. उन्होंने एक आरोपी की गिरफ़्तारी न करने के बदले रिश्वत ली थी. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दीप चंद के खिलाफ चार्जशीट भी इसी महीने अदालत में दाखिल कर दी गई है. दीप चंद के परिवार की शिकायत के बाद बरेली पुलिस ने इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक 3 सदस्यीय जांच कमेटी बना दी है. इस टीम में एएसपी अंशिका वर्मा, एएसपी मुकेश चंद्र मिश्रा और सर्किल ऑफिसर पंकज कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं. एएसपी अंशिका वर्मा ने बताया कि अब तक 4 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और जांच जारी है.

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, जीशान नाम के शख्स ने दीप चंद के खिलाफ घूसखोरी की शिकायत की थी. उन्होंने बताया था कि उनके चाचा और भाइयों पर दर्ज एक मुकदमे में गिरफ्तारी से बचाने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी. जीशान ने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी ने धमकी दी थी कि रुपये नहीं दिए तो सबको जेल भेजेंगे. कोई नहीं बच पाएगा. उनके मुताबिक इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण टीम ने उसे केमिकल लगे 50 हजार रुपये के नोट देकर दारोगा दीप चंद के पास भेजा. दीप चंद ने जैसे ही पैसे लिए, ट्रैप टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया. दीप चंद के हाथ धुलाए गए तो केमिकल से उनके हाथ गुलाबी हो गए. 

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