बरेली जेल का कैदी दीवार फांदकर भाग निकाल, पुलिसवाले फोन में रील देखते रहे
Bareilly jail prisoner escape: यूपी के बरेली की सेंट्रल जेल से उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी भाग गया. जिसके बाद जेल के 11 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई. बताया गया कि कई गार्ड्स घटना के समय अपने फोन में व्यस्त थे.

यूपी के बरेली की हाई-सिक्योरिटी सेंट्रल जेल से उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी भाग गया. जिसके बाद जेल के 11 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई. बताया गया कि जब कैदी भागा, तब निगरानी के लिए तैनात कई गार्ड कथित तौर पर अपना-अपना फोन चलाने में व्यस्त थे, सोशल मीडिया पर रील देख रहे थे.
फरार कैदी की पहचान दिनेश के रूप में हुई है. उम्र 22 साल है. वो अमरोहा के नन्हेड़ा राजपूत गांव का रहने वाला है. बिजनौर जिले में दर्ज एक पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से उम्रकैद की सजा काट रहा था.
टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्ट में बताया कि 22 जून की दोपहर 45 अन्य कैदियों के साथ दिनेश जेल परिसर से सटे एक एग्रीकल्चर फार्म पर काम के लिए गया था. कैदियों पर नजर रखने के लिए 10 कर्मचारी तैनात थे. यानी सिक्योरिटी टाइट थी. फिर पता लगता है कि कैदी दोपहर 12:30 बजे बाउंड्री वॉल फांदकर फार्म एरिया से भाग निकला.
फोन देखने में व्यस्त थे गार्ड्स!जेल के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि जब कैदी भागा, तब कुछ गार्ड्स का ध्यान बंटा हुआ था. बताया गया,
"वे कैदियों पर नजर रखने के बजाय अपने मोबाइल फोन पर रील्स देखने में व्यस्त थे. दिनेश ने इसी चूक का फायदा उठाकर दीवार फांदी और भाग निकला."
मामले में DG (जेल) PC मीना ने जेलर नीरज कुमार और डिप्टी जेलर वंदना चौधरी को सस्पेंड कर दिया है. सीनियर जेल सुपरिटेंडेंट अविनाश गौतम के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है. जेल प्रशासन ने सात निचले स्तर के कर्मचारियों को भी सस्पेंड किया है.
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एक विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद पता लगेगा कि जेल कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी. देखा जाएगा कि एक उम्रकैद का कैदी इतने कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद कैसे फरार हो गया. फिलहाल दिनेश का पता लगाने के लिए पुलिस टीमों और जेल प्रशासन के स्क्वॉड का गठन किया गया है. अमरोहा और अन्य संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
2024 में भी भागा था एक कैदीअक्टूबर 2024 में हरपाल नाम का कैदी भी बरेली जेल से भाग गया था. उसे हत्या के केस में दोषी पाया गया था. घटना के बाद कुछ कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया और FIR दर्ज की गई थी. बाद में पुलिस मुठभेड़ के बाद हरपाल को दोबारा गिरफ्तार किया गया.
बरेली सेंट्रल जेल को यूपी की सबसे संवेदनशील जेलों में से एक माना जाता है. यहां हाई-सिक्योरिटी बैरकों में कई कुख्यात कैदी रहते हैं. CCTV कैमरे, कैंपस के अंदर पुलिस पोस्ट और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद, बार-बार कैदियों के भागने की घटनाओं ने गार्ड्स की तैनाती और बाहरी काम में लगे कैदियों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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