महाकुंभ पर अपमानजनक कॉमेंट का आरोप, पत्रकार समेत दो गिरफ्तार
Journalist held for offensive comments: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कामरान अल्वी को महाकुंभ से संबंधित एक वीडियो पोस्ट करने के बाद गिरफ़्तार किया गया. क्योंकि इससे कुछ लोगों को ठेस पहुंची थी.

महाकुंभ और हिंदू देवी-देवताओं पर सोशल मीडिया पर ‘आपत्तिजनक कॉमेंट’ करने के आरोप में पत्रकार कामरान अल्वी समेत 2 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. आरोप है कि उनके कॉमेंट्स से हिंदू समुदाय के कुछ सदस्यों में रोष फैल गया था (Maha Kumbh offensive comments Journalist held). इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर मॉनिटरिंग बढ़ाने के लिए अलर्ट भी जारी किया था.
पत्रकार कामरान अल्वी की गिरफ़्तारी 21 जनवरी की देर शाम, उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले से हुई है. सिटी कोतवाली, बाराबंकी के SHO आलोक मणि त्रिपाठी ने मामले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया है कि कामरान अल्वी को महाकुंभ से संबंधित एक वीडियो पोस्ट करने के बाद गिरफ़्तार किया गया. क्योंकि इससे कुछ लोगों को ठेस पहुंची थी. अधिकारियों ने वीडियो पर संज्ञान लिया था. SHO आलोक मणि ने आगे बताया,
मामले में पुलिस ने आगे बताया कि वीडियो को सर्कुलेट करने में शामिल अन्य लोगों की जांच की जा रही है. मामले में ASP अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि वीडियो में महाकुंभ में आई महिलाओं के स्नान को लेकर ये कॉमेंट किया गया था. कामरान अल्वी फ़ेसबुक पर ख़ुद को पत्रकार बताते हैं, जहां उनके 9,000 से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं. वो एक समाचार पोर्टल ‘बाराबंकी एक्सप्रेस’ भी चलाते हैं. आजतक के इनपुट के मुताबिक़, इनका ऑफिस देवा रोड सिविल लाइन पर है.
ये भी पढ़ें - पत्रकार मुकेश चंद्राकर की कहानी, जिनका शव ठेकेदार के कंपाउंड में बने सेप्टिक टैंक में मिला
वहीं, दूसरी गिरफ़्तारी को लेकर SHO अमित प्रताप सिंह ने बताया कि जैदपुर के पास बोझा गांव के रहने वाले अभिषेक कुमार को गिरफ़्तार किया गया है. उसने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं और महाकुंभ को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. ऐसे में मामला दर्ज किया गया और गिरफ़्तारी की गई है.
बताते चलें, महाकुंभ इस बार 12 सालों के बाद आयोजित किया गया है. ये हिंदुओं के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक है. ये प्रयागराज में 13 जनवरी को शुरू हुआ और 26 फरवरी तक चलेगा.
(न्यूज़ एजेंसी PTI के इनपुट के साथ)
वीडियो: पत्रकारिता को लेकर UNESCO की रिपोर्ट में सामने आए डराने वाले आंकड़े

.webp?width=60)

