मां से शादी करना चाहता था बैंक मैनेजर, 'राह में रोड़ा' बने बेटे को मार डाला
आरोपी बैंक मैनेजर महिला को लगभग तीन साल से जानता था. उनसे किसी काम को लेकर उसकी मुलाकात हुई थी. वह गुरप्रीत से शादी करना चाहता था. लेकिन उनके छह साल के बच्चे को अपनी राह का रोड़ा मानता था. इसलिए उसने किडनैप करके बच्चे की हत्या कर दी.

उत्तर प्रदेश का मेरठ. यहां एक प्राइवेट बैंक में काम करने वाले मैनेजर ने छह साल के एक मासूम की जान ले ली. आरोपी अर्पित पाराशर बच्चे को बहला-फुसलाकर ले गया और निर्ममता से उसकी हत्या कर दी. कथित तौर पर उसने ये सब बच्चे की मां से शादी करने की चाहत में किया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी बैंक मैनेजर का नाम अर्पित पाराशर है. वो मुजफ्फरनगर का रहने वाला है. मेरठ में एक प्राइवेट बैंक में नौकरी करता है. पुलिस ने 17 जून को उसको गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बताया कि लड़के का शव उसके घर से लगभग 10 किलोमीटर दूर एक खेत से मिला है.
बच्चे को राह का रोड़ा मानता था
मेरठ के ASP अभिजीत कुमार ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. उसने दावा किया कि शव को नहर में फेंक दिया था. लेकिन फिर उसने सच्चाई स्वीकार ली और शव का पता बता दिया. ASP अभिजीत ने बताया कि पुलिस लड़के की मां गुरप्रीत कौर से भी पूछताछ कर रही है. उन्होंने अब तक इस अपराध के बारे में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार किया है. मृतक अंगदवीर मेरठ में अपने परिवार के साथ रहता था. उसके पिता गुरसेवक दुबई में ट्रक चलाते हैं. एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया,
आरोपी अर्पित गुरप्रीत कौर को लगभग तीन साल से जानता था. उनसे किसी काम को लेकर उसकी मुलाकात हुई थी. वह गुरप्रीत से शादी करना चाहता था. पुलिस की पूछताछ में उसने दावा किया कि लड़के को वह अपनी शादी में बाधा के तौर पर देखता था, इसलिए बच्चे के किडनैपिंग की साजिश रची.
सीसीटीवी फुटेज से मिला आरोपी का सुराग
पुलिस के मुताबिक, अंगदवीर 16 जून की सुबह रामराज गांव में अपने घर के बाहर खेल रहा था. तभी वह अचानक लापता हो गया. कई घंटे बीतने के बाद भी बच्चा वापस नहीं लौटा तो परिवारवालों को चिंता हुई. बच्चे की दादी बलविंदर कौर ने हसुमा पुलिस स्टेशन में किडनैपिंग की शिकायत दर्ज कराई, जिसमें अर्पित पर शक जताया. शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. मोहल्ले में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज में अंगदवीर बाहर खेलते हुए दिखाई दिया. तभी एक सफेद कार में बैठे व्यक्ति ने उसे आवाज दी. वह बिना किसी विरोध के जाकर अंदर बैठ गया.
पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज जांच में एक जरूरी सुराग मिल गया. बच्चा अपनी मर्जी से गाड़ी में बैठा. इससे ये अंदाजा लगा कि उसने अंदर बैठे किसी शख्स को पहचान लिया था. इसके बाद पुलिस ने परिवार के परिचित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी. शुरुआती जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर अर्पित पाराशर को हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान कथित तौर पर उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. उसने बताया कि वह पीड़ित को गाड़ी में बिठाकर उसके घर से दूर ले गया और हत्या कर दी. ASP अभिजीत कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की पूरी जानकारी जुटाने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है. वहीं बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
वीडियो: मेरठ में पुलिसवालों ने फेंकी लाश, CCTV ने पकड़ लिया

