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बांग्लादेश छोड़ने के बाद शेख हसीना का पहला भाषण, बोलीं- 'यूनुस सरकार हत्यारी, फासीवादी'

Bangladesh में होने वाले आगामी चुनाव से पहले बयान जारी अवामी लीग की प्रमुख Sheikh Hasina कहा कि यह बांग्लादेश के इतिहास का सबसे काला दौर है.

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Bangladesh Sheikh hasina awami league yunus
बांग्लादेश से निर्वासित होने के बाद शेख हसीना ने पहली बार कोई सार्वजनिक संबोधन किया है. (इंडिया टुडे)
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आनंद कुमार
23 जनवरी 2026 (पब्लिश्ड: 12:05 AM IST)
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने यूनुस पर हिंसक शासन चलाने, देश को आतंक, अराजकता और लोकतंत्र को निर्वासन में धकेलने का आरोप लगाया है. हसीना ने यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को हत्यारा और फासीवादी गुट करार दिया. 

पिछले साल बांग्लादेश छोड़ने के बाद शेख हसीना ने पहली बार किसी सार्वजनिक सभा को संबोधित किया. उन्होंने नई दिल्ली स्थित दक्षिण एशिया के विदेशी संवाददाताओं के क्लब फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब को ऑडियो मैसेज के माध्यम से संबोधित किया.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में होने वाले आगामी चुनाव से पहले बयान जारी कर अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने अंतरिम सरकार पर निशाना साधते हुए मौजूदा स्थिति पर गहरा दुख जताया. उन्होंने इसे बांग्लादेश के इतिहास का सबसे काला दौर बताया है, जहां लोकतंत्र निर्वासित हो चुका है और जनता जिंदा रहने के लिए जद्दोजहद कर रही है. शेख हसीना ने अपने ऑडियो मैसेज में कहा कि बांग्लादेश कभी एक शांतिपूर्ण और समृद्ध देश था, लेकिन अब बहुत ज्यादा हिंसा, डर और विनाश का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा,

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मौजूदा स्थिति बयां करते हुए अवामी लीग की नेता ने दावा किया कि बांग्लादेश आज रक्तरंजित भूभाग में बदल गया है और लोकतंत्र निर्वासन में चला गया है. बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया,

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पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आगे कहा

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शेख हसीना ने 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से पहले एक राजनीतिक संकट की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोका जाता है तो चुनावों की वैधता पर सवाल उठेंगे.

नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले अंतरिम सरकार ने स्थिरता बहाल करने और चुनावों की देखरेख करने का दावा किया है. लेकिन आलोचकों ने सुरक्षा स्थिति और राजनीतिक गतिविधियों पर लगे प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताई है.

वीडियो: शेख हसीना के मौत की सज़ा पर UN क्यों विरोध कर रहा, भारत का पक्ष क्या है?

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