The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Bangladesh Muhammad Yunus Adviser Controversial Statement

मोहम्मद यूनुस के सलाहकार ने भारतीय इलाकों को बांग्लादेश का बताया, विरोध के बाद पोस्ट डिलीट

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के सलाहकार महफूज आलम के विवादित पोस्ट पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है. महफूज ने 16 दिसंबर को एक विवादित पोस्ट किया था. इसमें भारत के कुछ हिस्से को बांग्लादेश में दिखाया गया था.

Advertisement
pic
20 दिसंबर 2024 (अपडेटेड: 20 दिसंबर 2024, 11:40 PM IST)
Muhammad Yunus Adviser Controversial Statement
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (तस्वीर: ANI/India Today)
Quick AI Highlights
Click here to view more

भारत ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के सलाहकार महफूज आलम (Mahfuz Alam) की विवादित टिप्पणी पर कड़ा रुख अपनाया है. महफूज आलम ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि भारत को शेख हसीना के इस्तीफे को लेकर हुए आंदोलन को स्वीकार करना चाहिए. पोस्ट में भारत को लेकर कुछ विवादित टिप्पणियां भी की गई थीं. साथ ही बांग्लादेश का एक गलत नक्शा पोस्ट किया गया था. इस नक्शे में महफूज आलम ने भारत के बंगाल, त्रिपुरा और असम के कुछ हिस्से को बांग्लादेश में दिखाया था.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक इस पोस्ट में भारत पर बांग्लादेश को कब्जे में रखने की नीतियां अपनाने का आरोप लगाया गया था. साथ ही ये दावा किया गया था कि बांग्लादेश की सच्ची आजादी के लिए, देश को स्वतंत्र होने और अपने क्षेत्र का विस्तार करने की जरूरत है. हालांकि, विवाद बढ़ने पर महफूज आलम ने कुछ घंटों बाद ये पोस्ट हटा दिया.

लेकिन, यहां गौर करने वाली बात ये है कि पोस्ट को 16 दिसंबर के दिन लिखा गया था. 16 दिसंबर, 1971 को पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था और इसके साथ ही पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश के रूप में आज़ाद हुआ था. 16 दिसंबर को हर साल बांग्लादेश और भारत में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है. बांग्लादेश में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश भी होता है.

भारत ने इस विवादित पोस्ट पर क्या कहा?

महफूज आलम का पोस्ट वायरल होने पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी. शुक्रवार, 20 दिसंबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 

“हमने इस मामले पर बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. हमें जानकारी है कि संबंधित पोस्ट को कथित तौर पर हटा दिया गया है.” 

जायसवाल ने बांग्लादेश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों पर जोर देते हुए कहा,

“भारत हमेशा बांग्लादेश की जनता और अंतरिम सरकार के साथ संबंध मजबूत करने की इच्छा रखता है, लेकिन इस प्रकार की टिप्पणियां सार्वजनिक संवाद में जिम्मेदारी की आवश्यकता को उजागर करती हैं.”

बीते अगस्त में बांग्लादेश में छात्रों के बड़े पैमाने पर आंदोलन हुए थे. जो कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों में तब्दील हो गए. प्रदर्शनों के चलते पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देना पड़ा. इसके बाद से शेख हसीना भारत में शरण लेकर रह रही हैं. इन सभी घटनाक्रमों के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की खबरें आईं. जिनके बाद दोनों देशों के संबंधों में कुछ तनाव भी आया.

हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई. एक हिंदू साधु चिन्मय कृष्ण दास को बांग्लादेश के झंडे का अपमान करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.

उधर, भारत के विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया कि साल 2024 में बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की 2200 घटनाएं दर्ज की गई हैं. इसी दौरान पाकिस्तान में भी ऐसे 112 मामले सामने आए हैं. मंत्रालय ने बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों से आग्रह किया है कि वे अपने देशों में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें.

वीडियो: संसद में हंगामे के लिए कौन जिम्मेवार? प्रियंका गांधी ने जवाब दे दिया

Advertisement

Advertisement

()