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अब्दुल्ला आजम पर लगा 3.71 करोड़ रुपए का जुर्माना, अबकी मामला चोरी का है

UP Rampur: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान पर 3.71 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. ये मामला जमीन सौदों से संबंधित स्टांप ड्यूटी चोरी का है.

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Azam Khans son fined
अब्दुल्ला आजम खान, समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता आजम खां के बेटे हैं. (फ़ाइल फ़ोटो - इंडिया टुडे)
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हरीश
9 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 03:34 PM IST)
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समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता आज़म खान के बेटे अब्दुल्ला आज़म खान (Abdullah Azam Khan) पर क़रीब 3.71 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. रामपुर के एक कोर्ट ने साल 2022 के ज़मीन सौदों से जुड़े ‘स्टांप ड्यूटी चोरी’ (Stamp Duty Evasion Case) के एक मामले में ये फ़ैसला सुनाया है.

रामपुर के ज़िला मजिस्ट्रेट ने पाया कि अब्दुल्ला आज़म ने सदर तहसील क्षेत्र में ज़मीन खरीदी थी. इस दौरान उन्होंने ग़लत तरीक़े से आवासीय ज़मीनों को कृषि भूमि के रूप में पेश किया. इस ग़लत बयानी के चलते लगभग 1.78 करोड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी की चोरी की गई.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के मुताबिक़, 2023 में तत्कालीन SDM ने इसे लेकर जांच की थी. इस जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हुई. जिसके बाद उन्होंने DM को रिपोर्ट भेजी. रिपोर्ट के बाद ज़िला मजिस्ट्रेट की अदालत में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए.

मामले से जुड़े एक वकील ने बताया कि फ़रवरी, 2024 में अब्दुल्ला को नोटिस जारी किया गया. और अब, दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद ज़िला मजिस्ट्रेट के कोर्ट ने 8 अप्रैल को अपना आदेश जारी किया है.

ये भी पढ़ें- आजम खान के बेटे को इस मामले में दो साल की सजा मिली

ज़िला सरकारी वकील प्रेम किशोर पांडे ने बताया कि मढिया नादर बाग के एक मामले में पहले ही फ़ैसला हो चुका था. जिसमें लगभग 9.22 लाख रुपये का जुर्माना शामिल था. 8 अप्रैल का आदेश बेनजीरपुर-घाटमपुर में बाक़ी तीन ज़मीनों से जुड़ा है. इनमें से एक पर लगभग 1.01 करोड़ रुपये और अन्य दो पर लगभग 33.80 लाख रुपये का जुर्माना है.

इस तरह अब्दुल्ला आज़म को लगभग 3.71 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है. इनमें जुर्माने में चोरी की गई स्टाम्प ड्यूटी की दोगुनी राशि और भुगतान में देरी होने पर 1.5 प्रतिशत मासिक ब्याज शामिल है.

अधिकारियों के अनुसार, ज़मीन की खरीद को कृषि दरों का इस्तेमाल करके रजिस्टर किया गया था. ताकि स्टाम्प ड्यूटी की लागत कम हो सके. जबकि ज़मीनें आवासीय क्षेत्रों में आती हैं. धोखाधड़ी का पता तब चला, जब उनका फिर से मूल्यांकन किया गया.

अब्दुल्ला आज़म के पास आदेश का जवाब देने के लिए लगभग एक महीने का समय है. वकील ने कहा कि आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि राशि जमा की जाती है या नहीं, या उसे फिर चुनौती दी जाती है या नहीं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने आज़म खान के परिवार के एक क़रीबी सपा नेता के हवाले से बताया है कि अब्दुल्ला इस आदेश के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में अपील दायर करेंगे.

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