The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Ayodhya gst officer Prashant Kumar Singh withdrawn his resignation

योगी-मोदी के लिए रोने वाले अयोध्या के अफसर इस्तीफा वापस लेकर क्या बोले?

अयोध्या के राज्य कर विभाग के उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने अब अपना त्यागपत्र वापस ले लिया है. उन्होंने कहा कि इस फैसले के पीछे कोई दबाव नहीं है.

Advertisement
prashant kumar singh
प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है (india today)
pic
प्रगति पांडे
31 जनवरी 2026 (अपडेटेड: 31 जनवरी 2026, 10:29 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के सपोर्ट में इस्तीफा देने वाले अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने पलटी मार ली है. शनिवार, 31 जनवरी को उन्होंने अपना त्यागपत्र वापस ले लिया. प्रशांत कुमार सिंह ने साफ कहा कि उन्होंने यह फैसला पूरी तरह अपनी इच्छा से लिया और उन पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया गया. वह पहले की तरह नियमित रूप से अपने दफ्तर जाएंगे और पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्यभार संभालेंगे.

प्रशांत कुमार सिंह वही अफसर हैं, जो एक वीडियो में सीएम योगी और पीएम मोदी के अपमान से आहत होकर रोते दिख रहे थे. इसकी वजह से उन्होंने अपने पद से इस्तीफे का भी ऐलान कर दिया था. उन्होंने कहा था कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी और मोदी का अपमान किया, जो उन्हें बर्दाश्त नहीं हुआ.  

इंडिया टुडे से जुड़े मयंक शुक्ला की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत कुमार ने इस्तीफा वापस लेने की ठीक-ठाक वजह तो नहीं बताई लेकिन ये स्पष्ट किया कि उनका ये कदम न तो मजबूरी में था और न ही किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के कारण उन्होंने ऐसा फैसला लिया है. अपने भाई विश्वजीत सिंह के आरोपों पर भी वह खुलकर बोले. विश्वजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि प्रशांत कुमार सिंह ने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल की थी. 

डिप्टी कमिश्नर ने इस दावे का खंडन तो किया ही, साथ ही अपने भाई विश्वजीत सिंह पर भी गंभीर आरोप लगा दिए. उन्होंने कहा, 

विश्वजीत सिंह मऊ के मुख्तार अंसारी के गैंग से जुड़ा रहा है और उनका आर्थिक सलाहकार भी रह चुका है. उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. 

प्रशांत ने ये आरोप भी लगाया कि विश्वजीत सिंह पर अपने ही माता-पिता के साथ मारपीट करने का आरोप है, जिसकी एफआईआर दर्ज है. इसके अलावा जियो कंपनी के ब्रांच मैनेजर को जान से मारने की धमकी देने और जबरन वसूली जैसे मामलों में भी उसका नाम सामने आ चुका है.

फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आरोपों पर प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि साल 2021 में विश्वजीत सिंह ने सीएमओ मऊ को एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उनके दिव्यांग प्रमाणपत्र को फर्जी बताया गया था. आरोप था कि प्रमाणपत्र पर न तो डेट दर्ज है और न ही डॉक्टरों के हस्ताक्षर हैं. सीएमओ मऊ ने इस पर जांच के आदेश जारी कर दिए थे, जबकि असली प्रमाणपत्र खुद सीएमओ दफ्तर से ही जारी किया गया था. प्रशांत के मुताबिक, बाद में जब वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या के सामने मामला लेकर गए तो सीएमओ अयोध्या ने सीएमओ मऊ से प्रमाणपत्र की सत्यता के संबंध में जानकारी मांगी.

उन्होंने आगे बताया कि इस पर सीएमओ मऊ ने लिखित रूप में प्रमाणपत्र को पूरी तरह सही और वैध बताया. इसके बावजूद बार-बार प्रमाणपत्र को फर्जी बताया जा रहा है.

इस्तीफे के ऐलान से हलचल मचा दी थी

बता दें कि अयोध्या में राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफे का एलान कर हलचल मचा दी थी. हालांकि इंडिया टुडे के सूत्रों के मुताबिक उनका इस्तीफा न तो शासन के पास पहुंचा था और न ही राज्य कर आयुक्त कार्यालय को मिला. 

खबर है कि इस पूरे घटनाक्रम के बीच शासन ने प्रशांत कुमार सिंह की पूरी रिपोर्ट राज्य कर आयुक्त से तलब की है. इसमें उनके खिलाफ चल रही जांच समेत सभी बिंदुओं को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं.

वीडियो: मुस्लिम दुकान के बाहर 'बाबा' लिखा देख भड़के बजरंग दल के कार्यकर्ता, वीडियो वायरल

Advertisement

Advertisement

()