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'योगी आदित्यनाथ शर्म करो, गुंडे की भाषा बोल रहे', अविमुक्तेश्वरानंद UP के CM पर बुरी तरह भड़के

वाराणसी में शनिवार, 14 फरवरी को मीडिया से बात करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मुख्यमंत्री योगी पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का पद कोई नियुक्ति का पद नहीं है कि कोई सरकार इंटरव्यू लेकर नियुक्त कर ले.

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14 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 14 फ़रवरी 2026, 05:49 PM IST)
UP
मुख्यमंत्री योगी पर भड़के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद. (फोटो- आज तक)
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योगी आदित्यनाथ के यूपी विधानसभा में शंकराचार्य को लेकर बयान देने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी पलटवार किया है. उन्होंने सीएम योगी पर हमला करते हुए कहा कि वह गुंडों की भाषा बोल रहे हैं और ये भाषा किसी कानून की किताब में नहीं लिखी है. उन्होंने कहा कि जो शंकराचार्य जनता के लिए सरकार से भिड़ जाता है वह जनता के खिलाफ काम कैसे करेगा? योगी आदित्यनाथ को उन पर ऐसा उल्टा आरोप लगाते हुए शर्म आनी चाहिए. 

अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम पर आरोप लगाते हुए पूछा कि उन पर (योगी आदित्यनाथ पर) 40 से ज्यादा मुकदमे थे, जिसे उन्होंने सीएम बनते ही हटवा दिया. क्या यही कानून है? उन्होंने मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की और कहा कि राज्यपाल कार्रवाई करें नहीं तो समझा जाएगा कि यूपी गुंडों के हाथ में है. 

बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच जुबानी जंग काफी समय से जारी है. शुक्रवार, 13 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी ने यूपी विधानसभा में अविमुक्तेश्वरानंद का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा. इसी के पलटवार के रूप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान सामने आया है. 

वाराणसी में शनिवार, 14 फरवरी को मीडिया से बात करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मुख्यमंत्री योगी पर जमकर बरसे और कहा कि शंकराचार्य का पद कोई नियुक्ति का पद नहीं है कि कोई सरकार इंटरव्यू लेकर नियुक्त कर ले. कोई भी सरकार या कोई भी राजनीतिक दल यह तय नहीं करेगा कि कौन शंकराचार्य होगा.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी पर तंज कसते हुए कहा कि माघ मेले में न जाने कितने लोग शंकराचार्य बनकर घूम रहे थे लेकिन आपने उन्हें कुछ नहीं कहा. न ही कोई नोटिस दी लेकिन जिसे कभी आपने ही ट्विटर हैंडल पर शंकराचार्य कहकर संबोधित किया था, उसे आज आप शंकराचार्य कहने से रोक रहे है. आगे उन्होंने कहा,

हम यूपी के मुख्यमंत्री से पूछना चाहते हैं कि उन्हें ये अधिकार कहां से मिला कि वो किसी शंकराचार्य से कहें कि शंकराचार्य नहीं लिख सकते. ये कोई चुनावी पद नहीं है कि थोड़ी सी भीड़ इकठ्ठा कर लो और जुमले बोलकर पद पर बैठ जाओ. शंकराचार्य का पद एक परंपरा है और ज्योतिष्पीठ उसी परंपरा को अपनाए है.

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंकराचार्य के खिलाफ सदन में ऐसी बयानबाजी करना सनातन को मानने वाले लोगों के प्रति अपराध है.

माघ मेले में हुए विवाद को लेकर भी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मर्यादा उनकी पुलिस ने तोड़ा है. पुलिस को अधिकार नहीं है कि हिरासत में लेने के बाद किसी बच्चे, बूढ़े और स्त्री को मारे-पीटे. सीएम योगी ने इस बारे में सदन में एक भी शब्द क्यों नहीं निकाला? दुनिया देख रही है कि मर्यादा कौन छोड़ रहा है और गुंडे जैसी भाषा कौन बोल रहा है. वो (योगी) कहते हैं कि वो कानून का पालन करना और कराना जानते है. तो यही कानून है?

अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले में हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा,

किसी को हिरासत में लेने के बाद उसकी चोटी उखाड़-उखाड़ कर पटकने वाले लोकतंत्र के पवित्र मंदिर में खड़े होकर कानून बता रहे हैं.

शंकराचार्य ने मामले में यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से हस्तक्षेप करने की अपील की. साथ ही कहा कि अगर यूपी की राज्यपाल इसे संज्ञान में लेकर एक्शन लें तो लगेगा कि कानून जिंदा है. नहीं तो समझ में आ जाएगा कि 'प्रदेश गुंडों के हाथ में जा चुका है.'

यह भी पढ़ें: 'मन में दो तरह की भावना है', अविमुक्तेश्वरानंद ने सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे पर ऐसा क्यों कहा?

महाकुंभ में भगदड़ को लेकर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उस समय वो ही जनता के साथ खड़े हुए थे. तो जो शंकराचार्य जनता के लिए सरकार से भिड़ जाता है, वो जनता को चोट पहुंचाने के लिए कोई काम करेगा? उन्होंने कहा कि 'सीएम योगी आदित्यनाथ को ऐसे गलत और उल्टे आरोप लगाते हुए शर्म आनी चाहिए. उन्होंने सदन में खड़े होकर जो बयान दिया है, वो बिल्कुल ठीक नहीं है.'

योगी पर आरोप लगाते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनके ऊपर 40 से ज्यादा केस थे, जिसे उन्होंने सीएम बनते ही हटवा दिया. उन्होंने गोरखनाथ जी की बातों को ठुकरा दिया. अभी तक गोरखपंथ में राजा अपनी गद्दी छोड़कर आते थे और योगी बनते थे. ये योगी से राजा बन रहे हैं. 

वीडियो: 'हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं...', मुख्यमंत्री योगी ने अविमुक्तेश्वरानंद पर क्या-क्या कहा?

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