दिल्ली-NCR में ऑटो-टैक्सी वालों की हड़ताल, ओला-ऊबर भी नहीं चलेगी?
Delhi में एंट्री करने पर कमर्शियल वाहनों को Green tax देना होता है. सरकार ने इस टैक्स में जमकर बढ़ोतरी की है. इस बढ़ोतरी के अलावा भी हर साल 5% बढ़ोतरी होती है. इसी के विरोध में ट्रांसपोर्टर और ऑटो-टैक्सी चालक हड़ताल पर हैं. Ola-Uber ने भी बंद का समर्थन किया है.

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में ऑटो-टैक्सी वालों ने तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है. 21 मई से 23 मई तक चलने वाली इस हड़ताल में करीब 68 ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन हिस्सा ले रहे हैं. ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के बैनर तले सभी एसोसिएशन हड़ताल करेंगे. ये सारे एसोसिएशन सरकार के सभी कमर्शिय वाहनों पर ग्रीन टैक्स बढ़ाए जाने का विरोध कर रहे हैं. इस हड़ताल की वजह से दिल्ली के कई रेलवे स्टेशनों के बाहर यात्री परेशान हैं. लिहाजा वो बस स्टैंड या मेट्रो का रुख कर रहे हैं.
जरूरी सेवाएं ठप हो सकती हैंदिल्ली-एनसीआर में चल रही हड़ताल में हल्के कमर्शियल वाहनों, ट्रकों और टैक्सी ऑपरेटर्स ने भी समर्थन दिया है. लिहाजा इस हड़ताल के कारण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दूध, फल और सब्जी जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई पर असर पड़ सकता है. इन जरूरी चीजों को ट्रांसपोर्ट करने वाले ऑपरेटर्स ने भी इस हड़ताल का पूरा समर्थन किया है.
ओला-उबर ने हड़ताल से किनारा कियादिल्ली-एनसीआर में लोगों के आने-जाने के लिए ओला-उबर जैसी टैक्सी सर्विस काफी अहम हैं. लेकिन दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत की बात है कि ओला-उबर ने इस हड़ताल में खुद को शामिल नहीं किया है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, ओला-उबर इस हड़ताल में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं, लेकिन उन्होंने ट्रांसपोर्टर्स की मांग का समर्थन किया है. ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मांग कर रहे हैं कि बढ़े हुए नए रेट को वापस लिया जाए.
उनका कहना है कि हर साल इसमें होने वाली 5 प्रतिशत बढ़ोतरी से उनकी कमाई पर असर पड़ रहा है. साथ ही एमसीडी द्वारा वसूला जा रहा ग्रीन टैक्स 1200 रुपये प्रति ट्रिप के हिसाब से लिया जाता है. ये मिडिल क्लास ऑपरेटर्स की कमर तोड़ रहा है.
नई दरों का विरोधट्रांसपोर्टर्स की मुख्य नाराजगी अप्रैल से लागू हुई नई दरों को लेकर है. दिल्ली में एंट्री करने वाले हल्के कमर्शियल वाहनों और दो-एक्सल वाले ट्रकों पर ग्रीन टैक्स 1,400 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति ट्रिप कर दिया गया है. इसके साथ ही तीन और चार-एक्सल वाले बड़े ट्रकों के लिए ये फीस 2,600 रुपये से सीधे बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रति ट्रिप कर दी गई है. इसके अलावा इन दरों में प्रतिवर्ष 5 फीसदी की बढ़ोतरी का भी प्रावधान है.
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