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असम के कार्बी आंगलोंग में भड़की हिंसा, प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेता के घर में लगाई आग

Assam Karbi Anglong Violence: पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था. जैसे ही यह खबर फैली, गांव वालों और आंदोलन के समर्थकों में गुस्सा भड़क गया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं और कथित तौर पर इलाके में गाड़ियों और दुकानों में तोड़फोड़ की.

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23 दिसंबर 2025 (पब्लिश्ड: 07:58 AM IST)
Assam Karbi Anglong turned Violent protesters set house of KAAC CEM tuliram ronghang on fire
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद कार्बी आंगलोंग में भड़की हिंसा. (Photo: ITG)
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असम के पहाड़ी जिले कार्बी आंगलोंग में सोमवार को हिंसा भड़क गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई. प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने कार्बी आंगलोंग ऑटोनॉमस काउंसिल (KAAC) के चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर (CEM) और भाजपा नेता तुलिराम रोंगहांग के घर में आग लगा दी. हिंसा में कुछ लोग घायल भी हुए हैं. वहीं एक पुलिसकर्मी और एक CRPF जवान भी घायल हो गए.

दरअसल कार्बी आंगलोंग के खेरोनी इलाके में कुछ लोग बीते 16 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे थे. यह लोग विलेज ग्रेजिंग रिजर्व (VGRs) और प्रोफेशनल ग्रेजिंग रिजर्व (PGRs) से कथित अवैध कब्जा हटाने की मांग कर रहे थे. बता दें कि यह क्षेत्र विशेष रूप से चरवाहों के लिए आरक्षित होते हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कार्बी पहाड़ियों में जमीन के बड़े हिस्से पर बाहरी लोगों ने कब्जा कर लिया है. इनमें असम के बाहर के लोग और जो कार्बी समुदाय के नहीं हैं, वे शामिल हैं.

क्यों भड़की हिंसा?

इंडिया टुडे से जुड़े पूर्ण बिकाश बोरा की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार, 21 दिसंबर को पुलिस ने 9 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था. इसमें आंदोलन के एक प्रमुख नेता लित्सोंग रोंगफार भी शामिल थे. जैसे ही यह खबर फैली, गांववालों और आंदोलन के समर्थकों में गुस्सा भड़क गया. इसके बाद भूख हड़ताल वाली जगह पर सोमवार की सुबह काफी लोग जमा हो गए. प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं और कथित तौर पर इलाके में गाड़ियों और दुकानों में तोड़फोड़ की.

इससे इलाके में तनाव बढ़ गया. बाद में आंदोलन खेरोनी से लगभग 26 किलोमीटर दूर डोंगकामोकाम तक फैल गया. डोंगकामोकाम तुलिराम रोंगहांग का KAAC निर्वाचन क्षेत्र भी है. कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस ने हवा में फायरिंग की थी. इससे लोग और भड़क गए और फिर KAAC चीफ के घर पर आग लगा दी. फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.

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अधिकारों और जमीन की रक्षा की मांग

बताते चलें कि असम के कार्बी आंगलोंग और पश्चिम कार्बी आंगलोंग को संविधान के 6th शेड्यूल के तहत स्वायत्तता यानी Autonomy प्राप्त है. यह कार्बी आंगलोंग ऑटोनॉमस काउंसिल (KAAC) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. हालांकि यहां के लोगों की लंबे समय से शिकायत रही है कि उनके लिए आरक्षित जमीनों पर अवैध कब्जा हो रहा है. खासकर विलेज ग्रेजिंग रिजर्व (VGRs) और प्रोफेशनल ग्रेजिंग रिजर्व (PGRs) पर. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि कार्बी लोगों की जमीन और अधिकार की रक्षा के लिए लिए मजबूत उपाय किए जाएं.

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