'जब तक मैं CM हूं, मियां लोग परेशान रहेंगे', हिमंत बिस्वा सरमा ने क्यों कहा ऐसा?
इससे पहले Himanta Biswa Sarma के एक बयान पर विवाद हुआ था, जिसमें उन्होंने मियां समुदाय को जानबूझकर परेशान करने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर वो रिक्शा के लिए 5 रुपये मांगें, तो 4 रुपये ही दो.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि जब तक वह सत्ता में हैं, मियां लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी. उन्होंने दावा किया कि 'मियां' लोग अवैध बांग्लादेशी हैं और उन्हें असम में काम करने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए. हिमंत बिस्वा सरमा ने रिक्शा किराए वाले अपने पिछले बयान पर भी सफाई दी और कहा कि वो बात उन्होंने उन लोगों के भले के लिए ही की थी.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार, 1 फरवरी को एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा,
बयान पर दी सफाईअगर मैं असम में रहूंगा, तो उन्हें परेशानियां होंगी. वे यहां शांति से नहीं रह सकते. अगर हम उनके लिए मुश्किलें पैदा करेंगे, तभी वे यहां से जाएंगे.
इससे पहले हिमंता सरमा के एक बयान पर विवाद हुआ था, जिसमें उन्होंने मियां समुदाय को जानबूझकर परेशान करने की सलाह दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर वो रिक्शा के लिए 5 रुपये मांगें, तो 4 रुपये ही दो. इस तरह के छोटे-छोटे काम से परेशानी होने पर ही वो राज्य छोड़ेंगे. रविवार को इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा,
'मियां' शब्द पर विवादमैंने तो असल में उनके भले के लिए ही बात की थी. अगर कानून के हिसाब से देखें, तो वे यहां काम नहीं कर सकते. किसी देश के नागरिक अपनी ही जमीन पर काम कर सकते हैं. बांग्लादेश के लोग यहां कैसे काम कर सकते हैं? अगर वे मेरे अपने भले के लिए कही गई बात को स्वीकार नहीं कर सकते, तो मुझे उनके खिलाफ ही काम करना होगा.
आजतक के मुताबिक जिस 'मियां' शब्द का इस्तेमाल हिमंत सरमा ने किया है, उस पर भी विवाद है. बताया गया है कि इस शब्द का इस्तेमाल असम में बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए अपमानजनक तौर पर इस्तेमाल किया जाता था, जिन्हें गैर-बंगाली लोग बांग्लादेशी प्रवासी मानते हैं. हालांकि हाल के वर्षों में समुदाय के कुछ एक्टिविस्ट इस शब्द को विरोध के प्रतीक के रूप में खुद अपनाने लगे हैं.
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वहीं पिछले हफ्ते ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मियां मुसलमानों पर हिमंत सरमा की टिप्पणियों की आलोचना की थी. उन्होंने इन टिप्पणियों को मुस्लिम विरोधी और बांटने वाला बताया था. बोर्ड ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी इस मामले में दखल देने की अपील की थी.
वीडियो: हिमंता बिस्व सरमा ने मियां मुसलमान को लेकर क्या कह दिया?

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