'गंगा में शराब पीने से भावनाएं आहत नहीं होतीं?' ओवैसी ने वीडियो शेयर कर योगी सरकार पर कसा तंज
Ganga Beer Video: कथित वीडियो में कुछ युवकों के हाथ में बीयर की केन है और वे डीजे की धुन पर झूम रहे हैं. गंगा नदी में इस तरह सरेआम नशा करने और शोर-शराबा करने का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, तो सवाल उठे. Asaduddin Owaisi ने भी इस पर सवाल किए. पूछा कि जब गंगा में इफ्तार करने वालों को जेल भेज दिया तो शराब पीने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

गंगा नदी के एक कथित वीडियो को लेकर सियासत तेज हो गई है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस वीडियो पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से तीखे सवाल किए हैं. वाराणसी के कथित वीडियो में गंगा नदी के बीच नाव पर कुछ युवक बीयर पीते नजर आ रहे हैं. ओवैसी ने सवाल किया कि जब गंगा में इफ्तार करने पर मुस्लिम लड़कों को जेल भेजा गया, तो गंगा में बीयर पीने वालों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी?
असदुद्दीन ओवैसी ने जिस वीडियो पर सवाल किया, उसमें गंगा में नाव पर कुछ युवक शर्टलेस होकर डीजे की धुन पर नाचते दिखते हैं. उनके हाथ में बीयर की कैन भी नजर आ रही है और आरोप है कि वे गंगा नदी पर बीयर पी रहे थे.
आजतक से जुड़े रोशन जायसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, वाराणसी के नाविक समाज (माझी) की ओर से हर साल गंगा नदी में शोभायात्रा निकालने की पुरानी परंपरा है. ये शोभायात्रा वाराणसी के दशाश्वमेध शीतला मंदिर से निकलकर मिर्जापुर अदलहाट बड़ी शीतला मंदिर जाती है. इसी शोभायात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.
(शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.)
कथित वीडियो में कुछ युवकों के हाथ में बीयर की केन है और वे डीजे की धुन पर झूम रहे हैं. गंगा नदी में इस तरह सरेआम नशा करना और शोर-शराबा करने का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ. लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए. इसी वीडियो के आधार पर असदुद्दीन ओवैसी ने भी सरकार से सवाल पूछ लिए.
6 अप्रैल को हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बीयर पीने के वीडियो पर रिएक्शन देते हुए X पर लिखा,
"क्या ऐसे शराब पीने की इजाजत है? क्या इससे किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचती? और क्या इससे सामाजिक सौहार्द नहीं बिगड़ता? क्या इससे सार्वजनिक उपद्रव नहीं होता? इससे 'वॉटर एक्ट' का उल्लंघन नहीं होता? और क्या सत्ताधारी दल इसकी शिकायत भी नहीं करेगा?
14 मुस्लिम लड़के अभी भी जेल में बंद है..."

AIMIM प्रेसिडेंट असदुद्दीन ओवैसी ने अपने बयान में गंगा में इफ्तार पार्टी को लेकर मुस्लिम लड़कों की कार्रवाई की याद दिलाई. इसमें 14 मुस्लिम लड़कों को जेल भेजा गया था और वे अभी भी जेल में बंद हैं.
इफ्तार पार्टी विवाद क्या था?
इसी साल 16 मार्च को वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी हुई थी. जैसे ही इस इफ्तार पार्टी का वीडियो वायरल हुआ, हिंदूवादी संगठन भड़क गए. आरोप लगा कि रोजेदारों ने चिकन बिरयानी खाने के बाद चिकन की हड्डी कथित तौर पर गंगा नदी में फेंक दी थीं.
इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने इफ्तार पार्टी में शामिल लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया. पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 8 घंटे के अंदर 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी. मामला अभी कोर्ट में है और आरोपी जेल में हैं.

अब ओवैसी का कहना है कि जब इफ्तार पार्टी के मामले में इतनी तेजी से कार्रवाई हुई, और गंगा में कथित तौर पर हड्डी फेंकने से भावनाएं आहत होने का दावा किया गया, तो गंगा में कथित शराब पार्टी करने वालों पर भी वैसी ही सख्ती क्यों नहीं दिख रही है.
पुलिस का क्या कहना है?
वाराणसी पुलिस ने गंगा में बीयर पार्टी के कथित वीडियो का संज्ञान लिया है. भावनाएं आहत होने के सवाल पर असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (ACP दशाश्वमेध) डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने कहा,
"ये पारंपरिक शोभा यात्रा कई वर्षों से निकाली जाती है. वायरल वीडियो की जांच करने के बाद, हम पता लगाएंगे कि यह वीडियो कहां का है, कैसे-क्या हुआ है."
ACP ने आगे कहा कि सभी तथ्यों और वायरल वीडियो की जांच की जाएगी. उन्होंने कहा कि जो भी इसमें शामिल होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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