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Sanchar Saathi ऐप पर Apple का जवाब आ गया, कहा- iPhone में प्री-लोड नहीं करेंगे

Apple Reply on Sanchar Saathi: संचार साथी एप को लेकर मचे बवाल के बीच एप्पल ने साफ कर दिया है कि वो अपने आईफोन में इस एप को प्रीलोड नहीं करेगा. कंपनी ने कहा कि वो सरकार को बताएगी कि दुनिया में कहीं भी ऐसे आदेश का उसने पालन नहीं किया है.

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2 दिसंबर 2025 (पब्लिश्ड: 02:59 PM IST)
Sanchar saathi app in iphone
संचार साथी ऐप आईफोन में पहले से डालने से कंपनी ने इनकार कर दिया है (india today)
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Apple ने भारत सरकार के उस आदेश को मानने से इनकार कर दिया है जिसमें कहा गया है कि हर स्मार्टफोन में सरकारी साइबर सेफ्टी ऐप 'Sanchar Sathi' पहले से इंस्टॉल होना चाहिए. एप्पल से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे ने बताया कि कंपनी सरकार के इस आदेश को न मानने की योजना बना रही है. एप्पल कंपनी का कहना है कि वो भारत सरकार को बताएगी कि दुनिया में कहीं भी वह इस तरह के आदेश को नहीं मानता क्योंकि यह उसके iOS इकोसिस्टम के लिए प्राइवेसी और सिक्योरिटी का रिस्क पैदा करता है. 

ये जानकारी देने वाले सूत्रों ने 'Apple की गोपनीयता की नीति के कारण अपना नाम नहीं बताया है.  

बता दें कि भारत सरकार ने Apple, Samsung और Xiaomi जैसी कंपनियों को कहा है कि वे अपना फोन बेचने से पहले ही उसमें Sanchar Saathi नाम का एक ऐप इंस्टॉ करके रखें. यह ऐप चोरी हुए फोन को ट्रैक करने, उन्हें ब्लॉक करने और उनके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए बनाया गया है. सरकार चाहती है कि इस ऐप को फोन में Disable भी न किया जा सके. जो फोन पहले से बाजार में पहुंच चुके हैं, उनमें भी ये ऐप सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए भेजा जाए. 

भारत के दूरसंचार मंत्रालय ने भी इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह साइबर सुरक्षा के गंभीर खतरे से निपटने के लिए जरूरी है. हालांकि, विपक्ष और प्राइवेसी एडवोकेट्स ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. उनका कहना है कि इससे सरकार को भारत के 730 मिलियन स्मार्टफोन्स तक पहुंच मिल जाएगी. राहुल गांधी के इस मुद्दे पर संसद में भी बोलने की संभावना है.

इससे पहले खबर ये भी चल रही थी कि सरकार ने कंपनियों से कहा है कि वो ऐसी व्यवस्था करें कि संचार साथी ऐप को फोन से डिलीट भी न किया जा सके लेकिन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ किया है कि ऐसा आदेश नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि संचार साथी ऐप किसी के लिए भी अनिवार्य नहीं है. जो यूजर इसे फोन से हटाना चाहेंगे, वो हटा सकते हैं.

वीडियो: साइबर हमले पर संसद में क्या बात हुई, जीपीएस स्पूफ़िंग से उड़ानें कैसे प्रभावित हो रहीं हैं?

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