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भारत-पाक सीमा पर बनेगी एंटी-ड्रोन दीवार, घुसपैठ रोकने का मेगा एक्शन प्लान तैयार

Anti Drone Wall: चीन और पाकिस्तान की सीमा से होने वाली घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए गृह मंत्रालय ने मेगा एक्शन प्लान तैयार किया है. सीमा पर स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी ग्रिड लगाने का प्लान है. इसमें एंटी ड्रोन दीवार लगाई जाएंगी.

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11 जून 2026 (अपडेटेड: 11 जून 2026, 03:05 PM IST)
anti drone wall at china pakistan border
चीन-पाकिस्तान सीमा पर एंटी ड्रोन वॉल लगाई जाएगी, ताकि घुसपैठ और तस्करी पर लगाम लगाई जा सके (फोटो: PTI)
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चीन-पाकिस्तान बॉर्डर (China-Pakistan Border) से होने वाली घुसपैठ और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए केंद्र सरकार बॉर्डर पर लगातार सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी करने में जुटी हुई है. गृह मंत्रालय ने तस्करी और घुसपैठ रोकने के लिए 'स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी ग्रिड' लाने का ऐलान किया है. इस व्यवस्था के जरिए घुसपैठियों के प्रवेश पर लगाम लगाने के साथ ही बॉर्डर पार से होने वाली अवैध गतिविधियों और खास तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.  

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी ग्रिड के तहत सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए बड़े पैमाने पर उपाय किए जाएंगे. इसमें एंटी-ड्रोन शील्ड और लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम इंस्टॉल किए जाएंगे. साथ ही, सरहद की सुरक्षा और निगरानी के लिए सेंसर और स्मार्ट फेंसिंग की व्यवस्था होगी. बता दें कि सीमावर्ती प्रदेशों में घुसपैठ के साथ ही नशीले पदार्थों की तस्करी अहम समस्या है. खास तौर पर पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में नशे का कारोबार एक बड़ी समस्या है. एंटी ड्रोन दीवारों और स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी ग्रिड से इस पर नकेल कसे जाने की उम्मीद है.

स्वदेशी तकनीक से तैयार की जाएगी एंट्री ड्रोन शील्ड

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एंटी-ड्रोन शील्ड स्वदेशी रूप से विकसित की गई है और इसे जल्द ही तैनात किया जाएगा. खास बात यह है कि इन एंटी-ड्रोन शील्ड को स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल कर तैयार किया जाएगा.

एंटी ड्रोन शील्ड के जरिए उन ड्रोन की ट्रैकिंग की जाएगी जिनका इस्तेमाल आईएसआई और ड्रग तस्कर करते हैं और हथियारों, नशीले पदार्थों को सीमावर्ती इलाकों में सप्लाई किया जाता है.

यह भी पढ़ें: चीन की चाल और पाकिस्तान की ढाल, दोनों पर भारी पड़ेगा इंडियन नेवी का 'प्रोजेक्ट-75 अल्फा'

गृहमंत्री अमित शाह ने दी जानकारी

गृहमंत्री अमित शाह ने लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) लॉन्च के मौके पर बताया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए LPMS लॉन्च किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि एलपीएमएस सिस्टम, हर स्टेकहोल्डर और डेटा सिस्टम को साथ लेकर चलने में सक्षम होगा. इसके अलावा, सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए सेंसर और स्मार्ट फेंसिंग लगाई जाएगी. गृहमंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करेगी. इससे भारत की सीमाएं सुरक्षित होगी. बता दें कि लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म है. इसके जरिए लैंड पोर्ट्स पर कार्गो प्रोसेसिंग और यात्रियों की आवाजाही के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल वर्कफ्लो मुमकिन होगा.

स्मार्ट सिक्योरिटी ग्रिड से बेहतर होगा एजेंसियों के बीच तालमेल

गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि स्मार्ट सिक्योरिटी ग्रिड के जरिए एजेंसियां ज्यादा तालमेल के साथ सूचनाएं साझा कर सकेंगी. उन्होंने सीमा सुरक्षा और घुसपैठ रोकने की क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि गृह मंत्रालय 'स्मार्ट बॉर्डर' कॉन्सेप्ट लागू करेगा और एलपीएमएस के साथ मिलकर देश की सीमाओं को अभेद्य बना देगा. गृहमंत्री ने कहा कि एलपीएमएस से कागजी कामों में 90 फीसदी की कमी आएगी और ये सीमा सुरक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में अहम कदम साबित होगा. इससे कार्गो ट्रकों के इंतजार के समय में 22 से 35 फीसदी की कटौती होगी.

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