"ब्रेस्ट पकड़ना, पाजामे का नाड़ा तोड़ना... रेप का प्रयास नहीं" इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐसी टिप्पणी की है
आरोपियों ने निचली अदालत के समन को Allahabad High Court में चुनौती दी थी. इसमें कहा गया कि आरोपियों ने IPC की धारा 376 के तहत कोई अपराध नहीं किया है. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ शिकायत को गंभीरता से लिया जाए. लेकिन गंभीर धाराओं को हटा लिया जाए.
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जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा. (फाइल फोटो: इलाहाबाद हाईकोर्ट)
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वीडियो: संविधान पर Adolf Hitler का उदाहरण देकर दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने क्या समझाया?

