The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Allahabad High Court advocate called judge working under govt pressure face contempt

वकील ने HC के जज से कहा, 'सरकारी दबाव में काम कर रहे', अब बुरा फंस गए

Allahabad High Court ने कहा कि वकील आशुतोष मिश्रा का लहजा, बॉडी लैंग्वेज और शब्दों का चयन बेहद आपत्तिजनक, निंदनीय और अपमानजनक था. इससे कोर्ट के सामने मौजूद लोगों की नजर में कोर्ट की अथॉरिटी और गरिमा कम हुई.

Advertisement
Allahabad High Court contempt of court judge
इलाहाबाद HC के जज जस्टिस संतोष राय ने वकील आशुतोष मिश्रा के खिलाफ अवमानना का केस चलाने का आदेश दिया है. (इंडिया टुडे)
pic
आनंद कुमार
16 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 05:40 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले दिनों एक वकील के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है. वकील आशुतोष मिश्रा ने एक केस की सुनवाई के दौरान जस्टिस संतोष राय पर आरोप लगाया था कि वह सरकारी दबाव में काम करते हुए दिख रहे हैं. बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस संतोष राय ने एडवोकेट आशुतोष कुमार मिश्रा के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही चलाने का आदेश दिया है. आशुतोष ने 12 फरवरी को एक आरोपी को जमानत दिलाने के लिए जिरह करते वक्त विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने जज के सामने कहा, 

Image embed

जस्टिस राय ने अपने आदेश में कहा,

Image embed

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगे कहा,

Image embed

इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि आशुतोष मिश्रा के खिलाफ न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 के प्रावधानों और हाईकोर्ट के संबंधित नियमों के तहत अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिए एक अलग रेफरेंस दिया जाए. इससे पहले अपने क्लाइंट के जमानत याचिका पर जिरह करते हुए मिश्रा ने तर्क दिया था कि उनके क्लाइंट को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी घायल पीड़ित का बयान रिकॉर्ड नहीं कर पाए, जिसके सीने पर बंदूक से चोट लगी थी. 

एक सरकारी वकील ने इस बात को स्वीकार किया कि 19 जनवरी को मामला दर्ज किया गया था लेकिन अभी तक पीड़ित का बयान रिकॉर्ड नहीं किया गया है. इसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन हफ्ते के भीतर मेडिकल रिपोर्ट और घायल व्यक्ति और डॉक्टर के बयान के साथ एक काउंटर एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया. इस मामले को 10 मार्च को लिस्ट करने का आदेश दिया गया था लेकिन आशुतोष मिश्रा की टिप्पणियों से आहत होकर जस्टिस राय ने खुद को इस  मामले से अलग कर लिया. 

उन्होंने अपने आदेश में कहा कि माननीय चीफ जस्टिस से उचित आदेश मिलने के बाद इस मामले की जल्द किसी दूसरे पीठ के सामने पेश किया जाएगा.

वीडियो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ED को किस बात पर नसीहत दे दी?

Advertisement

Advertisement

()