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'रामभद्राचार्य पर केस वापस लेकर गलती हुई, जेल भेज देना चाहिए था', शंकराचार्य विवाद पर अखिलेश

Akhilesh Yadav ने माघ मेला में संगम किनारे शंकराचार्य के धरने को लेकर भी बीजेपी के नेताओं के घेरा. उन्होंने कहा कि जिस समय सर्दी पीक पर थी, उस समय शंकराचार्य कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे. उस समय ये लोग क्यों नहीं गए?

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प्रगति पांडे
| संतोष शर्मा
22 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 23 फ़रवरी 2026, 11:08 AM IST)
Akhilesh Yadav, Shankracharya, Yogi
अखिलेश यादव (सबसे बाएं) ने रामभद्राचार्य (सबसे दाएं) पर कसा तंज. (फोटो- इंडिया टुडे)
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समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव ने पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस बीच उन्होंने ना सिर्फ दिल्ली में हुए AI Summit के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रोबोट विवाद पर तंज कसा, बल्कि तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य को भी आड़े हाथ ले लिया.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कन्नौज के सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें रामभद्राचार्य का केस नहीं हटाना चाहिए था. उन्हें, तो जेल भेज देना चाहिए था. इंडिया टुडे से जुड़े संतोष शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, पत्रकारों के गलगोटिया यूनिवर्सिटी के रोबोट से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा, 'मैं अपने लीडर ऑफ ऑपोजिशन के बयान से खुद को जोड़ता हूं. रोबोट तो है ही वो, लेकिन वह दिखता कैसा है?'

लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी के जापान के दौरे का भी जिक्र करते हुए तंज कसा. सीएम योगी का पूर्व नाम अजय कुमार बिष्ट है, तो अखिलेश ने उन्हें 'बिष्ठ' नाम से संबोधित करते हुए कहा, “इधर सुना है CM बिष्ठ साहब भी जापान जा रहे है. आज से 10 से 20 साल पहले जापान का भी एक Dog बड़ा फेमस हुआ था.” वहीं, अखिलेश ने AI पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि दुनियाभर में AI को लेकर, जो भी स्टार्टअप्स हो रहे हैं. वो हमारी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं.

अखिलेश यादव ने भगवत गीता और गुरूनानक देव का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री योगी की पोशाक पर भी हमला किया. उन्होंने कहा, 

'हम लोग उनके (सीएम योगी आदित्यनाथ) वस्त्र से धोखा खा रहे हैं. लेकिन अब हम उनके वस्त्र से भ्रमित नहीं होंगे. वस्त्र पहनने और कान छिदवाने से कोई योगी नहीं हो सकता है.'

अखिलेश ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर भी प्रतिक्रिया दी. शनिवार, 21 फरवरी को प्रयागराज के रेप और POSCO कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोप में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. अखिलेश ने कहा,

 'सरकार की तरफ से हमारे समाज के सबसे पूज्यनीय शंकराचार्य जी के साथ क्या व्यवहार हो रहा है? अचानक कुछ लोग शंकराचार्य को सम्मान देने के लिए निकल पड़े हैं. जिस समय शिखा को पकड़कर अपमानित किया जा रहा था. उस समय वे लोग कहां थे?'

अखिलेश यादव ने माघ मेला में संगम किनारे शंकराचार्य के धरने को लेकर भी बीजेपी के नेताओं के घेरा. उन्होंने कहा कि जिस समय सर्दी पीक पर थी, उस समय शंकराचार्य कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे. उस समय ये लोग क्यों नहीं गए? उन्होंने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस सरकार में पहली बार हुआ है, जब किसी शंकराचार्य को गंगा स्नान करने से रोका गया हो.

अखिलेश यादव ने शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए गए आरोपों गलत बताया. आशुतोष ब्रह्मचारी ने ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों से यौन शोषण का आरोप लगाया है.

अखिलेश ने आशुतोष ब्रह्मचारी के गुरु रामभद्राचार्य को भी घेरा. उन्होंने रामभद्राचार्य का नाम लेते हुए कहा कि अगर उनके चेले ने ऐसा किया है, तो उसने गलती की है. अखिलेश ने अपनी सरकार के समय रामभद्राचार्य पर हुए एक पुराने केस का जिक्र करते हुए कहा, “हमने रामभद्राचार्य जी पर 420 का मुकदमा था. उसे वापस लिया था.लेकिन मुझे उन्हें जेल भेज देना चाहिए था.”

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अखिलेश यादव ने शंकराचार्य पर लगने वाले आरोपों को घटिया बताया. साथ ही कहा कि जितनी पीड़ा बढ़ेगी, उतना हमारा PDA बढ़ेगा.

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