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'राम मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों गायब', अखिलेश यादव का बड़ा आरोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर के चढ़ावे में से करोड़ों रुपये गायब हो गए हैं. इस बारे में राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं आया है.

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7 जून 2026 (अपडेटेड: 7 जून 2026, 08:11 PM IST)
Akhilesh yadav ram mandir
अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर लगाया बड़ा आरोप. (फोटो- India Today)
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अयोध्या के राम मंदिर से करोड़ों का चढ़ावा गायब हो गया है. ये आरोप समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने लगाया है. 7 जून के दिन 3 बजकर 54 मिनट पर अखिलेश यादव ने X पर एक पोस्ट किया जिसमें लिखा था, 'समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है. ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है. कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है.' अखिलेश ने आगे कोर्ट से मामले में स्वतः संज्ञान लेने की मांग भी की और कारण बताया कि इसका सीधा संबंध ग्लोबल लेवल पर सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है.

अखिलेश ने कहा कि इस मामले में सरकार की चुप्पी संदिग्ध है. हालांकि, अखिलेश यादव के दावे में ये साफ नहीं है कि चढ़ावे में कितने करोड़ की रकम गायब हुई है. हालांकि दैनिक भास्कर में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक समाजवादी सरकार में मंत्री रहे पवन पांडे ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी 5 से 7.50 करोड़ तक हो सकती है.

पवन पांडे वही शख्स हैं जो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ज़मीन खरीद में बड़े घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं. साल 2021 में छपी बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पवन पांडे ने आरोप लगाया था कि  'दो करोड़ रुपये में ख़रीदी गई ज़मीन महज़ कुछ मिनटों बाद 18.5 करोड़ रुपये में ख़रीदी गई.' हालांकि तब राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने इन आरोपों को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया था.

अब समाजवादी पार्टी इन आरोपों पर सफाई मांग रही है कि राम मंदिर के चढ़ाने से करोड़ों रुपये गायब कैसे हुए? लेकिन खबर लिखे जाने तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या खंडन सामने नहीं आया है. ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने जरूर एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि अगर किसी ने कुछ ऐसा किया है तो रामजी उसको दंड देंगे. महंत ने कहा,

हमको रामजी पर पूरा विश्वास है. अगर किसी ने ऐसा कुछ किया है तो राम जी उसको अपने आप दंड दे देंगे.

अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सच क्या है? क्या वास्तव में राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कोई गड़बड़ी हुई है? अगर हुई है तो कितनी हुई है, और अगर नहीं हुई है, तो फिर इन आरोपों का आधार क्या है?

ध्यान देने वाली बात ये भी है कि  ये आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं. दूसरी तरफ मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जवाब अभी तक सामने नहीं आया है. ऐसे में आरोप और जवाब के बीच एक खाली जगह बनी हुई है, जिसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लग रही हैं. राम मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है, करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है. इसलिए चढ़ावे के पैसे से जुड़ा कोई भी सवाल सिर्फ वित्तीय मामला नहीं रह जाता, बल्कि सीधे श्रद्धालुओं के विश्वास से भी जुड़ जाता है.

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