खून में भी मिलावट, ब्लड बैंक वाले लोगों का प्लाज्मा निकालते, फिर नमक का पानी भर देते
Ahmedabad fake blood plasma: अहमदाबाद के चांगोदर में पुलिस ने एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है. ये लोग प्लाज्मा में मिलावट कर रहे थे. असली प्लाज्मा में सलाइन वॉटर मिला रहे थे. पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

मिलावट सिर्फ आपके खाने में नहीं, बल्कि खून में भी हो सकती है. अहमदाबाद के चांगोदर में पुलिस ने एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है. कुछ लोग असली प्लाज्मा की जगह नकली प्लाज्मा मार्केट में बेच रहे थे. पिछले 6 महीनों से ये धंधा चल रहा था. पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच की जा रही है कि मिलावटी प्लाज्मा से किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ी है या नहीं.
आरोपियों की पहचान दिनेश चौधरी, मोहन गायकवाड़, रफीक और उसके साथी जितेंद्र सोलंकी के रूप में हुई है. ये लोग असली प्लाज्मा निकालकर उसकी जगह सलाइन वॉटर (नमक का पानी) भर देते थे.
नकली ब्लड बैंक की मिली थी खबरअहमदाबाद ग्रामीण पुलिस की SOG को नकली ब्लड बैंक की खबर मिली थी. ये लोग असली प्लाज्मा को नकली प्लाज्मा से बदलकर बाजार में आधी कीमत पर बेच रहे थे. SOG की टीम ने लैब में छापा मारकर जांच की तो वहां से कुछ असली और कुछ नकली प्लाज्मा यूनिट मिलीं.
इंडिया टुडे से जुड़े ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट के मुताबिक, अहमदाबाद ग्रामीण एसपी ओमप्रकाश जाट ने इस रैकेट के काम करने के तरीके के बारे में बताया. उन्होंने कहा, “जब किसी लैब या ब्लड बैंक से मरीज के लिए प्लाज्मा भेजा जाता था, तो आरोपी रास्ते में ही संबंधित व्यक्ति को अपने झांसे में ले लेते थे. वो उनसे असली प्लाज्मा लेकर सलाइन वॉटर से भरा नकली प्लाज्मा थमा देते थे. चांगोदर की लैब में जो असली प्लाज्मा निकाला जाता था, उसे आरोपी बाजार में बेहद कम और आधी कीमत पर दूसरे खरीदारों को बेच दिया करते थे.”
आरोपी पिछले 6 महीने से ये काम कर रहे थे. असली प्लाज्मा की बाजार में कीमत 2 से 5 हजार रुपये है. वे इसकी जगह नकली प्लाज्मा पैक करके 1 हजार से 3 हजार रुपये में बेचते थे. पुलिस ने आरोपियों के पास से 1150 यूनिट असली प्लाज्मा समेत कुल 15 लाख रुपये का माल बरामद किया है.
आरोपी के पास लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमाइस रैकेट में ब्लड बैंक का मालिक मोहन गायकवाड़ भी शामिल है. उसके पास लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा है. वो पहले से ही ब्लड बैंक से जुड़ा हुआ था. दिनेश का कोई मेडिकल बैकग्राउंड नहीं है. उसने सिर्फ बी.कॉम किया है. वो सेल्स एग्जीक्यूटिव भी रहा है. ब्लड बैंक के साथ तालमेल बिठाने का काम करता था. दो आरोपी ब्लड बैंक में ब्लड लाने ले जाने का काम करते थे.
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क्या है प्लाज्मा?प्लाज्मा ब्लड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. ये हल्के पीले रंग का एक तरल पदार्थ है, जो शरीर के कुल रक्त का लगभग 55% हिस्सा होता है. इस प्लाज्मा में 92% पानी और 8% प्रोटीन, ग्लूकोज और मिनरल्स जैसे जरूरी तत्व होते हैं. यह लिवर में प्राकृतिक रूप से बनता है. प्लाज्मा का इस्तेमाल न सिर्फ मरीजों के इलाज में होता है, बल्कि एंटी-कैंसर दवा बनाने में भी किया जाता है. एक बार निकाले जाने के बाद प्लाज्मा को मायनस 18 डिग्री तापमान पर रखना जरूरी होता है.
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