'हमने करवाया था सीजफायर'; ट्रंप के बाद अब चीन ने किया भारत-पाक जंग रुकवाने का दावा
भारत ने लगातार यह कहा है कि चार दिन की जंग को बाहरी ताकत की दखल के बिना सुझाया गया था. इसमें सीधे मिलिट्री-टू-मिलिट्री लीडरशिप के बीच बातचीत हुई थी.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप 50 से अधिक बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया. भारत खुले मंच से उनके दावों को नकार चुका है. लेकिन ट्रंप हैं कि मानते नहीं. और ट्रंप के बाद अब चीन भी सीजफायर का क्रेडिट लेने की रेस में कूद पड़ा है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 30 दिसंबर को दावा किया कि मई 2025 में भारत-पाक तनाव के दौरान चीन ने मध्यस्थता करवाई थी. वांग ने कहा कि चीन ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में ‘निष्पक्ष और सही रुख’ अपनाया है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चलने वाली शांति बनाने के लिए, हमने एक निष्पक्ष और सही रुख अपनाया है. हमने मूल कारणों पर फोकस कर विवाद सुलझाने पर ध्यान केंद्रित किया है.
बीजिंग में इंटरनेशनल सिचुएशन और चीन के विदेश संबंधों पर सिम्पोजियम में बोलते हुए, वांग ने कहा कि दुनिया में संघर्षों और अस्थिरता में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा
भारत ने खारिज की किसी भी देश की भूमिकाअब दावा चाहे प्रेसिडेंट ट्रंप करें या चीन के विदेश मंत्री, भारत ने लगातार यह कहा है कि चार दिन की जंग को बाहरी ताकत की दखल के बिना, सीधे मिलिट्री-टू-मिलिट्री लीडरशिप की बातचीत से सुलझाया गया था. 13 मई को एक प्रेस ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय ने किसी भी बाहरी मध्यस्थता के दावों को खारिज कर दिया था. मंत्रालय ने कहा,
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भारत ने बार-बार कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच के मामलों में तीसरे पक्ष के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है.
वीडियो: पाकिस्तान के विदेश मंत्री बोले, सीजफायर पर अमेरिका का प्रस्ताव आया था, लेकिन भारत ने अस्वीकार कर दिया

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