The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • actor asrani passes away at 84 in mumbai santacruze hospital

असरानी का निधन, 'हंसी के रंगमंच' से विदाई लेकिन ‘अंग्रेजों के जमाने के जेलर’ हमेशा याद रहेंगे

बॉलीवुड अभिनेता असरानी का सोमवार, 20 अक्टूबर को निधन हो गया. मुंबई के जुहू में आरोग्य निधि अस्पताल में असरानी ने आखिरी सांस ली.

Advertisement
asrani
असरानी का 84 साल की उम्र में निधन हो गया (PHOTO-AajTak)
pic
मानस राज
21 अक्तूबर 2025 (अपडेटेड: 21 अक्तूबर 2025, 08:53 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

सबको अपनी एक्टिंग से हंसाने वाले एक्टर-डायरेक्टर गोवर्धन असरानी का 84 साल की उम्र में निधन (Actor Asrani death) हो गया. वह बॉलीवुड फिल्म ‘शोले’ में ‘अंग्रेजों के जमाने के जेलर’ के रोल में खूब मशहूर हुए. असरानी एक ऐसे कलाकार थे, जिन्हें दर्शकों की हर पीढ़ी ने पसंद किया. असरानी के निधन की जानकारी देते हुए उनके मैनेजर बाबूभाई थीबा ने बताया कि 20 अक्टूबर को मुंबई के जुहू स्थित आरोग्य निधि हॉस्पिटल में शाम के 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके परिवार ने भी उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक बयान साझा किया, जिसमें लिखा था,

Embed

मुंबई के शांताक्रूज श्मशान घाट पर सोमवार, 20 अक्टूबर की रात 8 बजे असरानी का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें केवल उनके करीबी लोग और दोस्त मौजूद थे. बाबूभाई थीबा ने बताया कि किसी को उनके निधन की सूचना नहीं दी गई थी क्योंकि ये असरानी की इच्छा थी कि इसे प्राइवेट रखा जाए.

निधन के कुछ देर पहले ही असरानी के सोशल मीडिया अकाउंट पर दिवाली की शुभकामनाएं दी गई थी.

असरानी का जन्म 1 जनवरी 1941 को जयपुर में हुआ था. अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो में एक वॉयस आर्टिस्ट के रूप में अपना करियर शुरू किया. साहित्य कलाभाई ठक्कर से एक्टिंग का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद असरानी सिनेमा की दुनिया में अपना सपना पूरा करने के लिए 1962 में मुंबई गए. यहां उनकी मुलाकात फिल्म निर्माता ऋषिकेश मुखर्जी से हुई. इस मुलाकात से उन्हें पुणे स्थित भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) में दाखिला लेने की प्रेरणा मिली. इसके बाद असरानी ने 1966 में FTII से स्नातक की उपाधि प्राप्त की.

'हम कहां जा रहे हैं', 'हरे कांच की चूड़ियां', 'उमंग' और 'सत्यकाम' जैसी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाओं में नजर आने के बाद असरानी मुंबई में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करते रहे. इसी बीच उन्होंने FTII में पढ़ाना भी शुरू कर दिया. 

इसी दौरान फिल्म निर्माता ऋषिकेश मुखर्जी ने गुलजार की सिफारिश पर असरानी से संपर्क किया. वह अपनी फिल्म 'गुड्डी' (1971) के लिए जया बच्चन (तब जया भादुड़ी) को कास्ट करना चाहते थे. असरानी ने ही ऋषिकेश का परिचय जया भादुड़ी से कराया. असरानी ने भी इस फिल्म के लिए ऑडिशन दिया और 'गुड्डी' फिल्म में ही उन्हें एक रोल मिल गया. फिल्म हिट रही, इसमें शिक्षक असरानी और उनकी स्टूडेंट जया दोनों ही लाइमलाइट में आ गए.

साथियों ने जताया दुख 

असरानी एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने बहुत पुरानी से लेकर बहुत नई फिल्मों तक में काम किया. असरानी के निधन के बाद बॉलीवुड के उनके तमाम साथियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. अक्षय कुमार, जिन्होंने कई बार असरानी के साथ काम किया था, उन्होंने सोशल मीडिया पर असरानी को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा की असरानी जी की मौत पर निशब्द हूं. उन्होंने लिखा

Embed

फिल्ममेकर अनीस बाजमी जिन्होंने वेलकम और सिंह इज किंग डायरेक्ट की थी, उन्होंने भी असरानी से अपने दशकों पुराने संबंध को याद किया. अनीस बाजमी ने कहा कि मैं उन्हें 40 सालों से जनता था. वो स्क्रीन के बिना भी लोगों को हंसा सकते थे. उनकी अंग अंदाज वाली हंसी सबको याद आएगी.

साथ ही क्रिकेटर शिखर धवन ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा 

Embed

असरानी को श्रद्धांजलि देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने लिखा

Embed

सीएम फडनवीस ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए प्रार्थना की कि भगवान उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें. असरानी के परिवार में उनकी पत्नी, अभिनेत्री मंजू असरानी,  उनकी बहन और भतीजा हैं. इस दंपती की कोई संतान नहीं थी.

वीडियो: 'आर्यन एक्टर बने और...', सलमान खान ने शाहरुख से भी आगे निकल जाने की बात कह दी

Advertisement

Advertisement

()