The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Absolut vodka ban in delhi Pernod Ricard's brand company penalty of Rs 3,000 crore.

दिल्ली में नहीं मिलेगी फ्रांस की ये मशहूर शराब, 3000 करोड़ के टैक्स केस में कंपनी को कोर्ट से भी झटका

Absolut Vodka बनाने वाली कंपनी पेरनोड रिकार्ड (Pernod Ricard) और दिल्ली के अधिकारियों के बीच बीते तीन सालों से विवाद चल रहा है. अधिकारियों ने पेरनोड रिकार्ड को बार-बार लाइसेंस देने से इनकार किया है. अब दिल्ली हाई कोर्ट ने कंपनी की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उसने राजधानी में अपने प्रोडक्ट बेचने की इजाजत मांगी थी. जानिए पूरा मामला.

Advertisement
pic
29 मई 2026 (अपडेटेड: 29 मई 2026, 04:09 PM IST)
Absolut vodka ban in delhi
एब्सोल्यूट वोदका साल 2023 से दिल्ली में उपलब्ध नहीं है. (फाइल फोटो: आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

दिल्ली में एब्सोल्यूट वोदका (Absolut Vodka) के शौकीनों को झटका लग सकता है. इस वोदका को फ्रांसीसी कंपनी ‘पेरनोड रिकार्ड’ बनाती है. कंपनी पर 2021 में हुए दिल्ली शराब नीति विवाद में शामिल होने का आरोप है. शुक्रवार, 29 मई को दिल्ली हाई कोर्ट ने कंपनी की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उसने राजधानी में अपने प्रोडक्ट बेचने की इजाजत मांगी थी. पेरनोड रिकार्ड के प्रोडक्ट्स 2023 से दिल्ली में उपलब्ध नहीं हैं.

Absolut Vodka का क्या है विवाद?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरनोड रिकार्ड और दिल्ली के अधिकारियों के बीच बीते तीन सालों से विवाद चल रहा है. अधिकारियों ने पेरनोड रिकार्ड को बार-बार लाइसेंस देने से इनकार किया है. इसके पीछे उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के उन आरोपों का हवाला दिया है, जिनमें कहा गया है कि कंपनी ने खुदरा विक्रेताओं के साथ मिलकर गैर-कानूनी तरीके से अपना मार्केट शेयर बढ़ाया था.

इसके बाद कंपनी ने अदालत का रुख किया और कहा कि पिछले तीन सालों से लाइसेंस न मिलने की वजह से नई दिल्ली में उसका कारोबार ‘पूरी तरह से ठप’ हो गया है. पेरनोड रिकार्ड ने बार-बार यह तर्क दिया है कि उसे अभी तक दोषी नहीं ठहराया गया है, इसलिए उसे लाइसेंस दिया जाना चाहिए. लेकिन शुक्रवार को जज ने कहा कि चल रही जांच के कारण कंपनी ‘अयोग्य’ है. 

कंपनी की तरफ से अभी तक इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. पेरनोड रिकार्ड भारत को दुनिया भर में अपने सबसे बड़े बाजार (बिक्री की मात्रा के हिसाब से) के तौर पर देखती है. पूरे देश में उसके जितने प्रोडक्ट्स बिकते हैं, उनमें पांच फीसदी हिस्सा दिल्ली का ही होता था.

ये भी पढ़ें: शराब के शौकीन ये खबर पढ़कर खुश तो बहुत होंगे, लेकिन भारतीय कंपनियों को क्यों डर लग रहा?

टैक्स विवाद से भी जूझ रही कंपनी

कंपनी को यह ताजा झटका ऐसे समय में लगा है, जब वो भारत में एक बड़े टैक्स विवाद से भी जूझ रही है. रॉयटर्स के मुताबिक, अधिकारियों ने पेरनोड पर आरोप लगाया है कि उसने टैरिफ भुगतान कम करने के लिए अपनी स्कॉच व्हिस्की के आयात के टाइम और बनावट से जुड़ी जानकारी छिपाई. दरअसल, व्हिस्की जितनी पुरानी होती है, उसकी कीमत और उस पर लगने वाला टैक्स उतना ही ज्यादा होता है. इसके अलावा कंपनी व्हिस्की बनाने के लिए जो कच्चा माल आयात करती है, उससे उसकी सही वैल्यू तय होती है. 

अधिकारियों के मुताबिक, पेरनोड रिकार्ड ने इन दोनों जानकारियों को सही-सही नहीं बताया, ताकि कागजों पर उसकी व्हिस्की सस्ती दिखे. आरोप है कि पेरनोड ने अपने स्कॉच आयात की वास्तविक कीमत को 67.49% कम करके आंका, जिससे उसे 150% की दर से बहुत कम टैक्स देना पड़ा. 

अधिकारियों ने कंपनी से करीब 3,000 करोड़ रुपये का बकाया टैक्स चुकाने को कहा है. अगर कंपनी यह केस हार जाती है, तो जुर्माने के साथ उसकी कुल देनदारी कथित तौर पर 5,700 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकती है.

वीडियो: शराब की वजह से दोस्त का मर्डर किया, भूत के डर से पुलिस को सब बता दिया

Advertisement

Advertisement

()