प्रेमी के पास जाने के बाद गायब हुई महिला, 34 साल बाद कुएं से निकला शव
Ahmedabad 1992 murder mystery: अहमदाबाद पुलिस के मुताबिक 1992 में फरजाना उर्फ शबनम नाम की एक महिला की हत्या हुई थी. आरोप शमशुद्दीन नाम के एक व्यक्ति पर आया. अब शमशुद्दीन भी जिंदा नहीं है. काफी समय पहले उसकी मौत हो चुकी है.

अहमदाबाद से कुछ-कुछ दृश्यम मूवी जैसा एक केस सामने आया है. 33 साल पहले दफनाई गई एक लाश को खोदकर निकाला गया. इसके आधार पर कई गुत्थियां सुलझाने की अब कोशिश की जा रही है.
अहमदाबाद पुलिस के मुताबिक 1992 में फरजाना उर्फ शबनम नाम की एक महिला की हत्या हुई थी. आरोप शमशुद्दीन नाम के एक व्यक्ति पर आया. अब शमशुद्दीन भी जिंदा नहीं है. काफी समय पहले उसकी मौत हो चुकी है.
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के मुताबिक फरजाना मुंबई से शमशुद्दीन के पास रहने अहमदाबाद गई थीं. वो और शमशुद्दीन रिलेशनशिप में थे. लेकिन उसके रहने के दौरान शमशुद्दीन के परिवार में कुछ विवाद उठा और उस विवाद में शमशुद्दीन ने फरजाना की हत्या कर दी. उसके बाद अपने घर के पास वाले कुएं में उसकी लाश को चुपके से ठिकाने लगा दिया. तब से लेकर अब तक, इतने साल हत्या का राज उसी कुएं में दफन रहा.
तो राज खुला कैसे? दावा ये है कि पिछले कुछ दिनों से शमशुद्दीन के परिवार को कथित तौर पर अजीबो-गरीब सपने आ रहे थे. उन्हें बार-बार फरजाना का भ्रम हो रहा था. इसकी वजह से वो मानसिक तनाव में रहने लगे थे. परिवार ने अंधविश्वास का भी सहारा लिया. कई टोने-टोटके करवा लिए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.
बाद में किसी ने डर में किसी ने कई साल पुरानी बात लीक कर दी. बात पुलिस तक पहुंच गई. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की. कुआं खुदवाया, जहां कथित रूप से फरजाना का शव दफ़न था. सब हैरान रह गए जब कुएं में से सच में एक शव के अवशेष मिले.
अब पुलिस अवशेषों की DNA टेस्टिंग करा रही है. फरजाना के फैमिली मेंबर्स के भी बयान लिए गए हैं. फिलहाल शमशुद्दीन के भाई रिजवान समेत अन्य आरोपी पुलिस हिरासत में हैं. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.
भोपाल में प्रेमी से मिलने आई महिला की हत्या
मध्य प्रदेश के भोपाल से भी ऐसा एक मामला सामने आया था. मगर यहां हत्या की पूरी गुत्थी हत्या के 2 दिन बाद ही खुल गई थी. मृतक मिसबाह (22) महाराष्ट्र के गोंदिया से भोपाल अपने प्रेमी समीर खान से मिलने गई थी. और उसी के घर में रह रही थी. आरोपी पहले से शादीशुदा था. जिस वजह से मिसबाह के घर आने से आरोपी और उसकी पत्नी के बीच झगड़े होने लगे. दूसरी तरफ मृतक उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी.
7-8 फरवरी की रात दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि समीर ने मिसबाह की गला घोंटकर हत्या कर दी और उसका शव एक पेटी में रखकर खाली प्लॉट में बने सेप्टिक टैंक में फेंक दिया. 12 फरवरी को टैंक में शव दिखने की सूचना पुलिस को दी गई. और 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने पूरा मामला सुलझा दिया. हत्या के आरोप में समीर और उसकी मां, बहन और भाई को गिरफ्तार कर लिया था.
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