एक होती है इंफेंटरी, आर्मी वाली. ये जंगी मोर्चे पर देश के लिए लड़ती है. और एकहोती है सोशल मीडिया इंफेंटरी. ये सोशल मीडिया पर लड़ती है. फर्क इतना है कि ये देशको मज़बूत बनाने के बजाए, रोज़ झूठ ठेलकर कमज़ोर करती हैं. ताजा झूठ है बालाकोट मेंमारे गए आतंकियों के बारे में. इस झूठ को सच दिखाने के लिए न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्सकी एक रिपोर्ट का सहारा लिया जा रहा है. हमने पूरी पड़ताल की है. देखिए वीडियो.