दावा सोशल मीडिया पर रूस-यूक्रेन युद्ध की जबर्दस्त चर्चा है. युद्ध से जोड़कर कईवीडियो और फोटो वायरल किए जा रहे हैं. कुछ वीडियो असली होते हैं तो कई बार फेकन्यूज़ के रूप में फर्जी वीडियो लोगों के पास पहुंच रहे हैं. ऐसे ही एक वायरलवीडियो में एक लड़की मदद की गुहार लगाते हुए सुनी जा सकती है. वेरिफाइड ट्विटरयूज़र नीतू सिंह ने वायरल वीडियो को ट्वीट कर लिखा, (आर्काइव) (अक्षरश:) यूक्रेनमें मेडिकल छात्रा बताकर, सरकार पर आरोप लगाकर, वीडियो बनाने वाली लड़की वैशालीयादव, पुत्री महेंद्र यादव, हरदोई को जब पुलिस ने पकड़ा, तो पता चला कि वीडियो पिताके कहने पर सरकार को बदनाम करने के लिए बनाया. वैशाली के पिता समाजवादी पार्टी केनेता हैं.यूक्रेन में मेडिकल छात्रा बताकर सरकार पर आरोप लगाकर वीडियो बनाने वाली लड़कीवैशाली यादव पुत्री महेंद्र यादव, हरदोई को जब पुलिस ने पकड़ा तो पता चला कि वीडियोपिता के कहने पर सरकार को बदनाम करने के लिये बनाया वैशाली के पिता समाजवादी पार्टीके नेता है। https://t.co/q5Rk0R4i4y pic.twitter.com/4Kez1HQtNR— Neetu Singh 🇮🇳 (@INeetuDabas) March 2, 2022 फेसबुक पर भी ये वीडियो जमकरवायरल हो रहा है. पड़ताल वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए 'दी लल्लनटॉप' नेपड़ताल की. इसमें वायरल दावा गलत निकला. घटना की जानकारी के लिए हमने हरदोई मेंइंडिया टुडे के संवाददाता प्रशांत पाठक से संपर्क किया. उनके मुताबिक, "वायरलवीडियो में दिख रही लड़की हरदोई के तेरा पुरसौली गांव की वैशाली यादव हैं. वोयूक्रेन में MBBS की पढ़ाई कर रही हैं. अभी वैशाली की घर वापसी नहीं हुई है और वोरोमानिया के एक सेंटर में फ्लाइट का इंतजार कर रही हैं. पढ़ाई के साथ वैशाली तेरापुरसौली गांव की ग्राम प्रधान भी हैं. उनके पिता पूर्व ब्लॉक प्रमुख और समाजवादीपार्टी के नेता महेंद्र यादव हैं. वैशाली की गैरमौजूदगी में पिता महेंद्र प्रधानीका कामकाज देखते हैं. '' वहीं मामले पर खुद वैशाली यादव ने रोमानिया से वीडियोबनाकर सफाई दी है. वैशाली का कहना है, "मैंने कुछ दिन पहले एक वीडियो बनाया थाजिसमें मैंने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई थी. लेकिन उस वीडियो को भारत में गलततरीके से फैलाया जा रहा है. ऐसा कहा जा रहा है कि ये सब बीजेपी सरकार को बदनाम करनेके लिए किया गया है. ये खबर पूरी तरह से गलत है. मैं रोमानिया आ चुकी हूं. फिलहालसुरक्षित हूं और बहुत जल्द भारत वापस आ जाऊंगी." मामले पर हरदोई के एसपी राजेशद्विवेदी ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने हरदोई पुलिस की कार्रवाई वाली खबर कोबेबुनियाद बताया. कहा, "जिस लड़की (वैशाली यादव) की बात हो रही है वो इस समयरोमानिया में है और उसके द्वारा मदद के लिए वीडियो जारी किया गया था. पुलिस द्वाराइस संबंध में एक्शन लिए जाने वाली बात सही नहीं है." जो वीडियो अभी वायरल हो रहाहै, उसे 24 फरवरी 2022 को न्यूज़ वेबसाइट हिन्दुस्तान के ट्विटर हैंडल से ट्वीटकिया गया था. साथ ही कई मीडिया संस्थानों ने वीडियो के आधार पर खबरों को प्रमुखतासे छापा था. नतीजा हमारी पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलतनिकला. वायरल वीडियो में दिख रहीं वैशाली यादव अभी रोमानिया में मौजूद हैं और भारतवापसी के लिए फ्लाइट का इंतजार कर रही हैं. हरदोई पुलिस ने भी वैशाली के खिलाफ कोईभी कार्रवाई न करने की बात कही है. साथ ही पुलिस ने वैशाली के रोमानिया में होने कीपुष्टि भी की है. पड़ताल की वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक परक्लिक करें. ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक परक्लिक करें.