समाजवादी पार्टी की बैठक में यादवों ने दलितों को पीटा? वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है?
एक वीडियो वायरल है जिसमें एक कमरे में कुछ आदमी मिलकर सोफे पर बैठे एक व्यक्ति को बुरी तरह पीट रहे हैं. अब इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी की मीटिंग में यादव समुदाय के लोगों ने एक दलित नेता को पीट दिया. केवल इसलिए क्योंकि वो सोफे पर बैठ गया था.

पीडीए. यानी पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक. सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए फॉर्मूले की वकालत करते आए हैं. इस फार्मूले के तहत उनकी पार्टी का ज़ोर आरक्षण, सामाजिक न्याय, और वंचितों को सरकारी सिस्टम में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने पर है. लेकिन इसी बीच एक वीडियो वायरल है जिसमें एक कमरे में कुछ आदमी मिलकर सोफे पर बैठे एक व्यक्ति को बुरी तरह पीट रहे हैं. अब इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी की मीटिंग में यादव समुदाय के लोगों ने एक दलित नेता को पीट दिया. केवल इसलिए क्योंकि वो सोफे पर बैठ गया था.
दावाएस सी नाम के एक फेसबुक पेज ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “समाजवादी पार्टी में दलित समाज का नेता अगर सपा कार्यालय में सोफे पर बैठ जाए तो उसकी लात,घूंसो,जूतों से मारकर ये हालत करते हो साहब. उसके बाद PDA व बाबा साहब के नाम से वोटबैंक की राजनीति भी करते हो. ”

इसी तरह X पर जेपी सिंह नाम के यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “समाजवादी पार्टी का एक दलित नेता PDA के नारे के बहकावे में आकर सोफे पर बैठ गया तो समाजवादी पार्टी के यादव नेताओ को अच्छा नहीं लगा. और सपा PDA के नेताओं ने SC नेता को मिलकर मार पीट कर दिया.”
पड़तालक्या है वीडियो की सच्चाई? वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च करने पर हमें एनसीपी (अजीत पवार) गुट के विधायक रोहित राजेंद्र पवार के X हैंडल पर वायरल वीडियो मिला. 20 जुलाई, 2025 को पोस्ट किए गए वीडियो में वायरल हो रहे वीडियो का हिस्सा देखा जा सकता है.
वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, “जब राज्य का किसान भारी संकट में है, और राज्य के कृषि मंत्री विधानसभा में रमी के पत्ते फेंक रहे हैं, तो जनता में गुस्से का फूटना बिल्कुल स्वाभाविक है. इस मुद्दे पर जब छावा संगठन के कार्यकर्ता लातूर में तटकरे साहब को ज्ञापन सौंप रहे थे, तब जो विवाद हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उनपर इस तरह से पत्ते फेंकना पूरी तरह से गलत है, लेकिन उसके बाद छावा संगठन के कार्यकर्ताओं की पिटाई करना उससे भी ज्यादा गलत है.”
इसके अलावा हमें कुछ कीवर्ड सर्च करने पर टाइम्स ऑफ इंडिया में 21 जुलाई को छपी एक रिपोर्ट मिली. जिसमें वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट देखा जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो एनसीपी (अजीत पवार गुट) के नेता सुनील तटकरे की प्रेस कॉन्फ्रेंस का है. जहां महाराष्ट्र की एक संस्था ‘छावा संगठन’ के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. कार्यकर्ता महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. वज़ह थी कोकाटे पर लगा आरोप. आरोप विधानसभा सेशन में मोबाइल पर गेम खेलने का.
‘छावा संगठन’ के लोगों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनील तटकरे के सामने ताश के पत्ते फेंके. उनके खिलाफ नारेबाजी की. जिसके बाद वहां बवाल खड़ा हो गया. और एनसीपी के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर छावा संगठन के लोगों को पीटाई कर दी. कई मीडिया रिपोर्ट में ‘छावा संगठन’ के राज्य अध्यक्ष विजयकुमार घाडगे की भी पिटाई छपी है.
वायरल दावे को लेकर इंडिया टुडे ने विजयकुमार घाडगे से बात की. उनका कहना है कि न ही उन्हें सपा के लोगों ने पीटा और न ही वो दलित हैं. विजय ने कहा कि प्रदर्शन में उनके साथ कुछ ओबीसी समुदाय के कार्यकर्ता भी थे जिन्हें पीटा गया.
नतीजाकुल मिलाकर, हमारी पड़ताल में साफ है कि वीडियो का समाजवादी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. वीडियो महाराष्ट्र का है जहां एनसीपी कार्यकर्ताओं ने मराठी संगठन के लोगों की पिटाई कर दी थी.
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