'कोई काम की बात न करे, सबको दारू पिलाओ' कहते दिखे शिवराज चौहान, लेकिन...
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वे आबकारी विभाग पर भड़कते नज़र आ रहे हैं.

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 (Madhya Pradesh Elections 2023) का शंखनाद हो चुका है. राजनीतिक दल जनता के सामने लोकलुभावन वादे करने में जुटे हैं. इसी बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वे आबकारी विभाग पर भड़कते नज़र आ रहे हैं. वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा कि शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में शराब की बिक्री बढ़ाने की बात कही है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “काम पे कोई बात ना करे, इसलिए सबको दारू पिलाओ.”

(ट्वीट का आर्काइव लिंक यहां देखा जा सकता है.)
इसके अलावा कई अन्य यूजर्स ने भी इस वीडियो को शेयर किया है. लेकिन इस वीडियो की सच्चाई क्या है?
पड़ताल‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में शिवराज सिंह चौहान का वीडियो तीन साल से अधिक पुराना निकाला.
वायरल वीडियो के एक फ्रेम को रिवर्स सर्च करने पर हमें शिवराज सिंह चौहान के आधिकारिक ट्विटर (X) हैंडल से जनवरी 2020 में किया गया एक ट्वीट मिला. इसमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन मौजूद है. शिवराज का यह वीडियो उस वक्त का है जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी. वे इस वीडियो में कांग्रेस सरकार की एक्साइज पॉलिसी की आलोचना करते नज़र आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि कैसे कांग्रेस की नई शराब नीति के कारण राज्य का नुकसान हो रहा है.
वीडियो में शिवराज सिंह चौहान को कहते हुए सुना जा सकता है,
“मैंने मुख्यमंत्री जी को दो चिट्ठियां लिखी हैं और वो कुतर्क देते हैं. मैंने उनसे आग्रह किया कि आप इस फैसले को वापस लीजिए. वो कहते हैं कि जहां तक दुकान खुलेगी तो अवैध दुकान बंद हो जाएगी. क्या कर रहा है यह आबकारी अमला? यह किसलिए बैठा है? यह अवैध शराब की ब्रिक्री क्यों नहीं रोकता? क्या घर-घर शराब भेजोगे?"
उन्होंने आगे कहा,
“शराब युवा पीढ़ी को खोखला कर देगी. साथ ही, प्रदेश को तबाह और बर्बाद कर देगी. लेकिन किसान कर्जा माफी की मांग न करे, नौजवान बेरोजगारी भत्ता न मांगे, गरीब संबल योजना की बात न करे, कोई मुख्यमंत्री कन्यादान का पैसा न मांग ले, इसलिए दारू इतनी फैला दो कि पूरे प्रदेश में लोग पीये और पड़े रहें. मैं तो कहता हूं कि मुख्यमंत्री इतने नैतिक हैं तो नशामुक्ति अभियान चलाना चाहिए. लेकिन मेरे प्रदेश पर तबाह करने को उतारू हैं और इस विनाशकारी फैसले के खिलाफ हम जंग लड़ेंगे.”
इसी वीडियो के लगभग 15 सेकेंड के हिस्से को काटकर भ्रामक दावे के साथ वायरल किया गया है.
गूगल पर खोजबीन के दौरान हमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक हैंडल से जून 2020 में किया गया एक और ट्वीट मिला. इसमें उन्होंने वीडियो को गलत संदर्भ में शेयर करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है.
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी शिवराज के अधूरे वीडियो को ट्वीट किया था. इसके बाद राज्य के बीजेपी नेताओं ने दिग्विजय के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी. भोपाल क्राइम ब्रांच ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किए थे.
बता दें, मध्य प्रदेश में दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 15 साल बाद सत्ता में वापसी की थी. लेकिन कमलनाथ सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई. 15 महीने में ही सत्ता गंवानी पड़ी. इसके बाद मार्च 2020 में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी सरकार बनाई थी.
नतीजाकुल मिलाकर, शिवराज सिंह चौहान के तीन साल से अधिक पुराने वीडियो के अधूरे हिस्से को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है. असल में शिवराज सिंह चौहान तत्कालीन कांग्रेस सरकार की आलोचना कर रहे थे.
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