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क्या 'अखिलेश यादव जिंदाबाद' के नारे लगाने वाले युवकों की वजह से महाकुंभ में मची भगदड़?

प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ के बाद सोशल मीडिया पर दो वीडियो क्लिप का एक कोलाज मौजूद है. एक क्लिप में कुछ युवक ‘अखिलेश यादव जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे हैं. वहीं, दूसरी क्लिप में एक महाराज जी कह रहे हैं कि कुछ युवकों के कारण भगदड़ मची है.

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अखिलेश यादव जिंदाबाद नारे लगा रहे युवकों की नारेबाजी से मचा प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़? (तस्वीर:सोशल मीडिया)
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शुभम सिंह
30 जनवरी 2025 (अपडेटेड: 30 जनवरी 2025, 06:38 PM IST)
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यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान 29 जनवरी को मची भगदड़ (Mahakumbh Stampede) में 30 लोगों की मौत हो गई और 60 लोग घायल हो गए. भगदड़ किस कारण से मची इसे लेकर अभी तक कोई ठोस दावा सामने नहीं आया है. मामले की जांच चल रही है. लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर दो वीडियो क्लिप का एक कोलाज वायरल है. एक क्लिप में कुछ युवक ‘अखिलेश यादव जिंदाबाद’ के नारे लगा रहे हैं. वहीं, दूसरी क्लिप में प्रयागराज में मौजूद लल्लनटॉप के पत्रकार अभिनव पांडे एक महाराज जी से बात कर रहे हैं. वे कहते हैं, “दरअसल, एक बस आकर रुकी थी जिसमें से कुछ युवा लोग निकले थे और वे यहां आकर भगदड़ मचाए थे.”  

अब इन दोनों वीडियो को जोड़कर कुछ यूजर कह रहे कि ‘इन युवकों की नारेबाजी के बाद ही भगदड़ मच गई’. 

ओसिन जैन नाम की यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “चश्मदीदों की मानें तो कुछ लोग एक बस से उतरे और भगदड़ मचाए. और आप दूसरी वीडियो देख सकते हैं कैसे ‘अखिलेश यादव’ चिल्ला रहे हैं जैसे किसी रैली में आए हों. कहीं यह वीडियो भगदड़ वाली स्थिति के पहले का तो नहीं है? पुलिस ओर प्रशासन को इस एंगल से जांच करनी चाहिए.”

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प्रोफेसर सुधांशु त्रिवेदी नाम के यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “ये वीडियो महाकुंभ प्रयागराज का है. ‘अखिलेश यादव ज़िंदाबाद’ नारे लगाते हुए लोग एक-दूसरे से धक्का-मुक्की कर रहे हैं? कहीं यह वीडियो भगदड़ वाली स्थिति के पहले का तो नहीं है? आखिर ये नारे क्यों लगा रहे हैं? यह तीर्थ स्थल है. कोई राजनीतिक रैली तो नहीं?”

वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट
वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट.

इसी तरह कई अन्य यूजर ने भी वायरल वीडियो को शेयर किया है, जिनके पोस्ट आप यहां देख सकते हैं. कुछ लोगों ने तो इन युवकों को ही भगदड़ का साजिशकर्ता बताते हुए सजा की मांग की है. 

पड़ताल

क्या नारेबाजी कर रहे युवकों के कारण प्रयागराज में भगदड़ मची? नारेबाजी कर रहे युवकों का वीडियो कब का है?

यह पता लगाने के लिए हमने वायरल वीडियो के कुछ कॉमेंट को खंगाला. वहां एक यूजर ने एक स्क्रीनशॉट अपलोड किया है. इसमें रायबरेली के रहने वाले प्रदीप यादव की एक इंस्टाग्राम प्रोफाइल मिली. इस प्रोफाइल पर वायरल वीडियो मौजूद है.

प्रदीप यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मौजूद वीडियो का स्क्रीनशॉट.
प्रदीप यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मौजूद वीडियो का स्क्रीनशॉट.

हमने सच्चाई जानने के लिए प्रदीप यादव से संपर्क किया. उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो असल में 27 जनवरी की भोर का है. प्रदीप ने बताया,

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प्रदीप ने बताया कि यह वीडियो 28 जनवरी को हुई भगदड़ से 48 घंटे पहले रिकॉर्ड किया गया था. उन्होंने हमें उस फोन का मेटा डेटा भेजा जिससे नारेबाजी वाला वीडियो रिकॉर्ड किया गया था. इसके मुताबिक, वीडियो रिकॉर्ड करने का समय 27 जनवरी, तड़के 5:25 का है.

असल वीडियो के रिकॉर्ड करने की डिटेल. (क्रेडिट:प्रदीप यादव)
असल वीडियो के रिकॉर्ड करने की डिटेल. (क्रेडिट:प्रदीप यादव)

इसके अलावा प्रदीप ने हमें अपने मित्र वीरेंद्र यादव की इंस्टाग्राम प्रोफाइल भी भेजी. इसमें 'अखिलेश यादव जिंदाबाद' वाले वीडियो को 27 जनवरी को अपलोड किया गया है.

वीरेंद्र यादव की प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट.
वीरेंद्र यादव की प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट.

इससे साफ है कि प्रयागराज में 29 जनवरी की भोर में हुई भगदड़ से लगभग 40 घंटे पहले नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद है. यानी वीडियो भगदड़ से ठीक पहले का नहीं है. नारेबाजी के एक दिन से भी ज्यादा समय के बाद ये हादसा हुआ है. वहीं लल्लनटॉप की टीम से महाराज जी कुछ और युवकों के बारे में बात कर रहे हैं.

नतीजा

कुल मिलाकर, हमारी पड़ताल में साफ है कि दो अलग-अलग वीडियो को प्रयागराज में हुई भगदड़ से जोड़कर भ्रामक दावा शेयर किया जा रहा है.

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वीडियो: पड़ताल: महाकुंभ के पोस्टर पर मुस्लिम युवक ने किया पेशाब? क्या है सच्चाई?

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