पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे का एडिटेड वीडियो वायरल, इजरायल पर नहीं दिया ऐसा कोई बयान
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे की एक वीडियो क्लिप शेयर करके दावा किया जा रहा है कि उन्होंने मोदी सरकार की आलोचना की है. कहा जा रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख का मानना है कि इजरायल का समर्थन करने से भारतीय सेना का नुकसान हो रहा है. लेकिन वीडियो की सच्चाई कुछ और है.

पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे की एक वीडियो क्लिप वायरल है. 45 सेकंड के इस वीडियो क्लिप में जनरल पांडे को कहते सुना जा सकता है, “क्या आप जानते हैं कि इज़राइल का साथ देने का सबसे बड़ा नुकसान क्या है? हमारी भारतीय सेना को हमेशा नैतिकता पर चलने वाली सेना के रूप में तैयार किया गया है, लेकिन आज के हालात इसे एक जाति या समुदाय विशेष की सेना बनाने का खतरा पैदा कर रहे हैं. मेरी बात याद रखिएगा, यह स्थिति पूरी तरह से फौज में विद्रोह की तरफ जा सकती है. हम सब देख ही चुके हैं कि असम में क्या हो रहा है...'
अब इस क्लिप को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख ने मोदी सरकार की आलोचना की है. कहा जा रहा है कि पूर्व सेना प्रमुख का मानना है कि इजरायल का समर्थन करने से भारतीय सेना का नुकसान हो रहा है.
तबरेज शम्स नाम के फेसबुक यूज़र ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज पांडे कहते हैं, आप जानते हैं कि इज़राइल का समर्थन करने का सबसे बड़ा नुकसान क्या है? हमारी भारतीय सेना को हमेशा एक नैतिक बल के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, लेकिन वर्तमान स्थिति इसे एक जातीय/सांप्रदायिक बल में बदलने का खतरा पैदा कर रही है. मेरी बात याद रखिए, यह स्थिति पूरी तरह से विद्रोह (mutiny) की ओर जा सकती है.”

यही दावे के साथ कई अन्य यूजर्स ने भी वीडियो को शेयर किए हैं जिनके पोस्ट यहां देख सकते हैं.
पड़ताल
क्या वाकई पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने ये कहा है? वायरल वीडियो के कुछ कीफ्रेम्स सर्च करने पर हमें पूरा वीडियो PTI के X हैंडल पर मिला. वीडियो 14 मार्च को X पर अपलोड किया गया था. वीडियो में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे कहते हैं, “हम एक बहुत ही जटिल दुनिया में रह रहे हैं. हमें न केवल आज की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के काबिल होना चाहिए, बल्कि आने वाले भविष्य का अंदाजा भी लगाना चाहिए. जब आप एक बार भविष्य का अंदाजा लगा लेते हैं, तो आपको उसी के हिसाब से खुद को तैयार करना होगा.आपके पास ऐसी क्षमताएं और ताकत होनी चाहिए जिससे आप भविष्य में होने वाले युद्धों को पूरी मजबूती से लड़ सकें. हमारी सेनाओं को भविष्य के लिए हमेशा तैयार रहना होगा.”
वीडियो में वो कहीं भी इज़रायल का जिक्र नहीं कर रहे हैं. न ही ऐसी कोई बात कह रहे हैं जैसा वायरल वीडियो में दावा किया गया है. अगर पूर्व सेना प्रमुख ने सरकार की आलोचना इस तरह सार्वजनिक मंच से की होती तो खबर ज़रूर छपती. लेकिन हमें खोजबीन में कहीं ऐसी कोई प्रमाणिक रिपोर्ट नहीं मिली. सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेकिंग यूनिट ने भी वायरल वीडियो को फर्जी बताया है.
साफ है कि पूर्व सेना प्रमुख की आवाज से छेड़छाड़ कर भ्रामक दावा फैलाया गया है.
नतीजा
कुल मिलाकर, हमारी पड़ताल में साफ है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे का एडिटेड वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है.
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