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पड़ताल: झांकी में दिल्ली सरकार ने "जहानाबाद" दिखाया तो जनता क्यों टारगेट करने लगी?

सोशल मीडिया यूज़र्स केजरीवाल पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगा रहे हैं

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30 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 30 जनवरी 2021, 05:17 PM IST)
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दावा- गणतंत्र दिवस परेड में शामिल दिल्ली की झांकी में सिर्फ़ अज़ान चलाई गई.
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दावा सोशल मीडिया पर दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुई दिल्ली की झांकी का एक वीडियो वायरल है. वायरल वीडियो में इस्लामिक प्रार्थना 'अज़ान' की आवाज़ सुनाई दे रही है. सोशल मीडिया यूज़र्स 11 सेकेंड के वीडियो को शेयर कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगा रहे हैं. फेसबुक यूज़र रविंदर कुमार ने वायरल वीडियो 'जय श्री राम हिन्दुत्व की आवाज़' नाम के ग्रुप में शेयर करते हुए जो लिखा, हम ज्यों का त्यों यहां बता रहे हैं-
"आज दिल्ली में राजपथ पर दिल्ली सरकार यानी केजरीवाल सरकार के झांकी में बकायदा अजान बजाकर यह संदेश दिया गया यदि केजरीवाल जिस राज्य में सत्ता में जाएगा उस राज्य में यह इस्लामिक तुष्टीकरण करेगा. वहां मस्जिदे बनेंगी और सिर्फ अजान की ही आवाज कायम रहेगी और मंदिरों को ठीक उसी तरह से तोड़ दिया जाएगा जिस तरह से केजरीवाल ने चांदनी चौक पर 400 साल पुराने मंदिर को केजरीवाल ने तोड़ दिया और बगल में स्थित मजार को छोड़ दिया. दिल्ली की झांकी में अल्लाह हू अकबर. जहां हनुमान मंदिर तोड़ा गया, वहीं की झांकी. राजपथ पर दिल्ली की शर्मनाक झांकी. दिल्ली वाले ₹50 बिजली के बिल के फायदे के लिए एक औरंगजेब को दिल्ली की सत्ता दे दिए."
आज दिल्ली में राजपथ पर दिल्ली सरकार यानी केजरीवाल सरकार के झांकी में बकायदा अजान बजाकर यह संदेश दिया गया यदि केजरीवाल जिस राज्य में सत्ता में जाएगा उस राज्य में यह इस्लामिक तुष्टीकरण करेगा वहां मस्जिदे बनेंगी और सिर्फ अजान की ही आवाज कायम रहेगी और मंदिरों को ठीक उसी तरह से तोड़ दिया जाएगा जिस तरह से केजरीवाल ने चांदनी चौक पर 400 साल पुराने मंदिर को केजरीवाल ने तोड़ दिया और बगल में स्थित मजार को छोड़ दियादिल्ली की झांकी में अल्लाह हू अकबर जहां हनुमान मंदिर तोड़ा गया, वहीं की झांकी राजपथ पर दिल्ली की शर्मनाक झांकी दिल्ली वाले ₹50 बिजली के बिल के फायदे के लिए एक औरंगजेब को दिल्ली की सत्ता दे दिए Posted by Ravinder Kumar on Tuesday, 26 January 2021
ट्विटर यूज़र सुनील ने भी वायरल वीडियो ट्वीट करते हुए यही दावा किया है. (आर्काइव) इसी तरह के बाकी दावे आप यहां और यहां भी देख सकते हैं. (आर्काइव लिंक) (आर्काइव लिंक) पड़ताल 'दी लल्लनटॉप' ने वायरल वीडियो की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. दिल्ली की झांकी में सिर्फ़ अज़ान ही नहीं, सिख धर्म का कीर्तन भी था. चांदनी चौक की थीम पर बनी इस झांकी के पूरे वीडियो का एक छोटा हिस्सा काट कर ग़लत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. हमें यूट्यूब पर दूरदर्शन के ऑफिशियल चैनल पर गणतंत्र दिवस 2021 के परेड का पूरा वीडियो मिला. 3 घंटे 1 मिनट 30 सेकेंड के इस वीडियो में 1 घंटे 56 मिनट 19 सेकेंड पर UP की झांकी के बाद दिल्ली की झांकी आती है. वीडियो में झांकी के बारे में की जा रही कमेंट्री के मुताबिक़,
 "दिल्ली की झांकी का थीम शाह जहानाबाद का पुनर्विकास है."
इसके बाद 1 घंटे 56 मिनट 37 सेकेंड पर वायरल अज़ान सुनी जा सकती है. 1 घंटे 56 मिनट 49 सेकेंड पर अज़ान के ख़त्म होते ही सिख कीर्तिन सुनाई देनी लगता है. साथ में घंटी की आवाज़ भी सुनाई देती है. फिर कमेंट्री से आवाज़ आती है-
"झांकी को इलाके में हो रहे विकास जिसमें लोगों के लिए घूमने की जगह, सुरक्षित साइकल लेन, पैदल चलने की जगह के साथ मौजूद सभी धार्मिक स्थलों की आवाजों की थीम पर बनाया गया है."
झांकी की इस वीडियो में दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में मौजूद लाल किला के अलावा गुरुद्वारा और मंदिर भी दिखाई दे रहा है.
(आर्काइव लिंक) हमें न्यूज़ एजेंसी ANI की रिपोर्ट में भी दिल्ली की झांकी का जिक्र मिला. रिपोर्ट के मुताबिक़-
"दिल्ली की झांकी चांदनी चौक में हो रहे पुनर्विकास की थीम पर बनाई गई थी. झांकी में चांदनी चौक बाजार की भागम-भाग के अलावा पूजा की अलग-अलग स्थलों से आती आवाजों को भी शामिल किया गया था."
(आर्काइव लिंक) दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 26 जनवरी को दिल्ली झांकी की तस्वीर रीट्वीट करते हुए लिखा था-
"दिल्ली की कला-संस्कृति विभाग की टीम को बधाई. आज राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में पुरानी दिल्ली के नए रूप की झांकी दिखेगी.... वह भी अपने 'सर्व धर्म सदभाव' की मूल आत्मा के साथ."
मुग़ल बादशाह शाहजहां ने 1638 में अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली शिफ्ट की थी. तब से पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक और चावड़ी बाज़ार इलाके को शाह जहानाबाद के नाम से जाना जाने लगा. 1857 में मुग़ल शासन के ख़त्म होने तक शाह जहानाबाद ही मुग़लों की राजधानी रही. (आर्काइव ) नतीजा सोशल मीडिया पर गणतंत्र दिवस परेड में शामिल दिल्ली की झांकी के नाम पर वायरल दावा भ्रामक निकला. दिल्ली की झांकी में सिर्फ़ मुस्लिम धर्म की प्रार्थना नहीं सुनाई गई थी. चांदनी चौक पुनर्विकास की थीम पर बनी इस झांकी में सिख कीर्तन और घंटियों की आवाज़ें भी शामिल थीं. ओरिजनल वीडीयो के एक छोटे से हिस्से को काटकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.
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