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नमाज़ के बाद हुई नारेबाजी तो यूपी पुलिस ने बरसाए लाठी-डंडे? दावा करता वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर सहारनपुर में मुस्लिमों को पीटने का वीडियो वायरल हो रहा है.

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17 मई 2022 (अपडेटेड: 6 मई 2022, 01:57 PM IST)
Saharanpur Claim
वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट
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दावा

सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा कुछ लोगों को सरेआम पीटे जाने का वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में लोग गलियों में, सड़कों पर, घर की छतों पर दौड़ते नज़र आ रहे हैं. पुलिसवाले इन्हें पकड़कर डंडे से पीट कर रहे हैं. दावा है कि -

वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का है. यहां अलविदा की नमाज़ पढ़कर लौटे कुछ लोगों ने नारे लगाए तो पुलिस ने इन्हें पीट दिया.

योगी आदित्यनाथ के गर्मी शांत करने वाले बयान का ज़िक्र भी कैप्शन में मौजूद है. वायरल पोस्ट के कैप्शन में लिखा है -

कल बाबाजी सहारनपुर को शिमला बना दिये थे. सारी गर्मी निकल गयी थी. अलविदा की नमाज़ के बाद कुछ लोगों को ज्यादा गर्मी लग गई, लग गए नारे लगाने. फिर बाबा ने सहारनपुर को शिमला कैसे बनाया देख लीजिए.

Saharanpur video

वायरल दावे का स्क्रीनशॉट.

कई और सोशल मीडिया यूज़र्स ने ऐसे ही दावे शेयर किए.

सहारनपुर

सहारनपुर में लोगों की पिटाई से जुड़ा वायरल दावा.

पड़ताल

'दी लल्लनटॉप' ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत निकला. वायरल वीडियो बरेली का है जिसे साल 2020 में कैमरे में कैद किया गया था. वीडियो में उत्तर प्रदेश पुलिस लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रही है.

वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने शेयर हो रहे वीडियो को InVID टूल की मदद से खोजा तो हमें 6 अप्रैल, 2020 को एक यूज़र द्वारा किये गए ट्वीट में ये वीडियो मिला. (आर्काइव)

ट्वीट के कैप्शन के मुताबिक, बरेली में जमातियों को ढूंढने गई पुलिस पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया तो पुलिस ने लोगों पर डंडे बरसा दिए. इससे साफ है कि वीडियो अभी का नहीं बल्कि किसी पुरानी घटना का है.

ट्वीट में मिली जानकारी से मिलते-जुलते की-वर्ड्स के जरिए सर्च करने पर हमें TIMES NOW के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 6 अप्रैल, 2020 को पोस्ट की गई एक न्यूज़ रिपोर्ट मिली. इस न्यूज़ रिपोर्ट में शेयर हो रहे वीडियो की क्लिप्स मौजूद हैं.


रिपोर्ट में मिली जानकारी के मुताबिक -

वायरल वीडियो कोरोना महामारी के समय लगे लॉकडाउन का है. बरेली में लॉकडाउन के नियमों का पालन करवाने गई पुलिस पर भीड़ ने हमला कर दिया जिसमें कई पुलिस कर्मियों को चोटें आयीं. जब पुलिस कर्मियों ने इकट्ठे बैठे 20 लोगों को लॉकडाउन के नियमों का पालन करने को कहा तो ये झड़प शुरू हुई. 

की-वर्ड्स की मदद से ही खोजने पर हमें दैनिक जागरण के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 7 अप्रैल, 2020 को पोस्ट की गई इस घटना से जुड़ी न्यूज़ रिपोर्ट मिली.


रिपोर्ट में मौजूद SP रविंदर कुमार के बयान के मुताबिक -

पुलिस की टीम लॉकडाउन का पालन करवाने के लिए गांव में गई था, जहां दो पुलिसकर्मियों पर गांव वालों ने हमला करने की कोशिश करी. कर्मपुर में 200-250 की संख्या के बीच कुछ लोगों ने पुलिस चौकी को फूंकने की भी कोशिश की जिस कारण पुलिस को ये कदम उठाना पड़ा.

साथ ही बरेली के एसएसपी ने ट्वीट करते हुए शेयर हो रहे दावों का खंडन भी किया था. (आर्काइव)

दरअसल शेयर हो रहा वीडियो साल 2020 में भी वायरल हुआ था. उस समय ये दावा किया गया था कि कोरोना टेस्टिंग के लिए गए डॉक्टरों पर हमला करने वालों की पुलिस पिटाई कर रही है. 'दी लल्लनटॉप' ने उस समय भी वायरल वीडियो का फैक्ट-चेक किया था.

नतीजा

‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ. वायरल वीडियो बरेली का है जिसे साल 2020 में कोरोना लॉकडाउन के दौरान रिकॉर्ड किया गया था. उस समय भीड़ में बैठे कई लोगों को पुलिस ने लॉकडाउन के नियमों का पालन करने को कहा तो उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था और पुलिस चौकी को फूंकने की कोशिश भी की थी.

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